Indian Politician: मध्य प्रदेश की राजनीति में कैलाश जोशी का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। सादगी, ईमानदारी और साफ-सुथरी राजनीति के लिए उन्हें ‘राजनीति का संत’ भी कहा जाता था। लेकिन उनके राजनीतिक जीवन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा भी है, जिसने लंबे समय तक लोगों का ध्यान खींचा। यह किस्सा उनकी असामान्य नींद से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद बदली दिनचर्या
साल 1977 में कैलाश जोशी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। इससे पहले और मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी दिनचर्या काफी अनुशासित बताई जाती थी। वह आमतौर पर रात करीब 10 बजे सोते और सुबह 4 बजे उठकर पूजा-पाठ करते थे। यानी उनकी नींद लगभग छह घंटे की होती थी और वह दिनभर सक्रिय रहते थे।
लेकिन कुछ समय बाद उनकी दिनचर्या अचानक बदल गई। उन्हें इतनी ज्यादा नींद आने लगी कि वह 18 से 20 घंटे तक सोने लगे। इस वजह से उनके स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं।
एयरपोर्ट जाते समय भी आ गई नींद
कैलाश जोशी की ज्यादा सोने की आदत से जुड़ा एक किस्सा काफी चर्चित रहा। बताया जाता है कि एक बार वह किसी यात्रा के लिए घर से एयरपोर्ट के लिए निकले थे। रास्ते में उन्हें इतनी तेज नींद आई कि उन्होंने यात्रा बीच में ही रोक दी और वापस घर जाकर सो गए।
उस समय उनकी असामान्य नींद को लेकर अखबारों में भी खबरें छपने लगी थीं। इन खबरों की बड़ी संख्या में कतरनें इकट्ठी कर बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका तक दाखिल किए जाने की बात सामने आती है। याचिका में उनकी सेहत को मुख्यमंत्री पद के लिए अनुपयुक्त बताया गया था।
सीएम पद छोड़ने के बाद सुधरी हालत?
कैलाश जोशी की इस स्थिति को लेकर कई तरह की चर्चाएं हुईं। खुद जोशी कभी-कभी इसे लेकर जादू-टोने जैसी बातों का जिक्र करते थे। हालांकि इन दावों की कोई वैज्ञानिक पुष्टि नहीं थी।
लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के बीच उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। उनके पद छोड़ने के बाद उनकी नींद सामान्य होने की बात कही जाती है और बताया जाता है कि वह दोबारा करीब 6 से 8 घंटे सोने लगे।
‘राजनीति के संत’ के रूप में याद किए जाते हैं
कैलाश जोशी का निधन 24 नवंबर 2019 को 90 वर्ष की उम्र में भोपाल के एक अस्पताल में हुआ। राजनीतिक जीवन में उनकी सादगी और ईमानदार छवि के कारण उन्हें आज भी ‘राजनीति का संत’ कहा जाता है। उनकी असामान्य नींद का यह किस्सा उनके जीवन से जुड़ी सबसे चर्चित कहानियों में शामिल है।
