Scorpio Sinks Into Ganga: बिहार की राजधानी Patna में रविवार शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। दीघा के पाटीपुल घाट पर एक स्कॉर्पियो गंगा नदी में समा गई। हादसा उस समय हुआ, जब पति-पत्नी पूजा सामग्री का विसर्जन करने घाट पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि गाड़ी खड़ी करने के बाद वे हैंड ब्रेक लगाना भूल गए, जिसके कारण स्कॉर्पियो धीरे-धीरे ढलान की तरफ बढ़ती चली गई।
देखते ही देखते गंगा में गई गाड़ी
जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से बेगूसराय के रहने वाले राम नरेश सिंह अपने परिवार के साथ शिवपुरी इलाके में रहते हैं। वे शिक्षा विभाग से रिटायर हो चुके हैं। रविवार को उनके घर पूजा का आयोजन हुआ था। पूजा खत्म होने के बाद वे अपनी पत्नी के साथ स्कॉर्पियो से दीघा घाट पहुंचे थे। गाड़ी को गंगा किनारे खड़ा कर दोनों पूजा सामग्री लेकर नीचे उतर गए। इसी दौरान गाड़ी आगे बढ़ने लगी। शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद गाड़ी रुक जाएगी, लेकिन ढलान ज्यादा होने के कारण स्कॉर्पियो सीधे गंगा की तरफ बढ़ती चली गई और कुछ ही देर में पानी में उतर गई।
बचाने की कोशिश रही नाकाम
राम नरेश सिंह और उनकी पत्नी ने गाड़ी को रोकने की काफी कोशिश की। उन्होंने लोगों से मदद भी मांगी, लेकिन कोई आगे नहीं आया। आसपास मौजूद लोग घटना देखते रहे और कई लोग मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। मदद नहीं मिलने की वजह से स्कॉर्पियो गहरे पानी में चली गई। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो करीब 10 साल पुरानी थी। हालांकि हादसे में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन परिवार को भारी नुकसान हुआ है।
पुलिस पहुंची, लेकिन गाड़ी नहीं निकली
घटना की जानकारी मिलते ही Digha Police Station की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से गाड़ी निकालने की कोशिश की, लेकिन रात होने और पानी ज्यादा गहरा होने की वजह से सफलता नहीं मिल सकी।
लोगों के रवैये से दुखी परिवार
राम नरेश सिंह ने बताया कि हादसे के समय वहां सैकड़ों लोग मौजूद थे। उन्होंने बार-बार लोगों से मदद मांगी, लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया। उसी दौरान वहां से एक बड़ा जहाज भी गुजरा, लेकिन वहां से भी कोई सहायता नहीं मिली। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि लोग मदद करने के बजाय सिर्फ तमाशा देखते रहे।
बढ़ती जा रही ऐसी घटनाएं आजकल ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोग मुश्किल में फंसे लोगों की मदद करने के बजाय वीडियो बनाने लगते हैं। यह घटना भी इंसानियत पर सवाल खड़े करती है। समय रहते अगर कुछ लोग मदद के लिए आगे आते, तो शायद स्कॉर्पियो को डूबने से बचाया जा सकता था।
