Delhi News: जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शन को लेकर लंबे समय तक चुप्पी साधने के बाद आखिरकार राघव चड्ढा ने संसद में अपनी प्रतिक्रिया दी। राज्यसभा में दिए गए उनके बयान का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, उनके बयान के बाद कई छात्रों और सोशल मीडिया यूजर्स ने नाराजगी भी जताई है।
क्या बोले राघव चड्ढा?
राज्यसभा में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन उनका मानना है कि छात्रों का आंदोलन केवल छात्रों तक सीमित रहना चाहिए और उसे किसी राजनीतिक दल की रैली में नहीं बदलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ राजनीतिक नेता खुद सुरक्षित स्थान पर रहे, जबकि छात्रों को आगे कर दिया गया। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा, “रिस्क तुम्हारा, रील हमारी”, जो अब चर्चा का विषय बन गया है।
राजनीतिक दलों पर साधा निशाना
राघव चड्ढा ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों के मुद्दों को अपने राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके मुताबिक, छात्रों को अपने भविष्य और न्याय की चिंता है, जबकि कुछ नेता केवल सुर्खियां और वायरल क्लिप हासिल करना चाहते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों का संघर्ष उनके भविष्य के लिए है, न कि किसी राजनीतिक दल की वापसी या चुनावी रणनीति का हिस्सा बनने के लिए।
सोशल मीडिया पर आई मिली-जुली प्रतिक्रिया
राघव चड्ढा का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया और कहा कि छात्र आंदोलनों को राजनीति से दूर रखा जाना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स ने उनके बयान की आलोचना की। कुछ ने सवाल उठाया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी चुप्पी क्यों रही, जबकि कई यूजर्स ने तीखी टिप्पणियां करते हुए उन्हें ट्रोल भी किया।
बयान बना चर्चा का विषय
फिलहाल राघव चड्ढा का यह बयान राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया दोनों जगह चर्चा में है। समर्थक इसे छात्रों के हित में दिया गया संदेश बता रहे हैं, जबकि विरोधी इसे देर से आई प्रतिक्रिया और राजनीतिक बयानबाजी करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और तेज होने की संभावना है।
