Raghav Chadha Viral Speech: राज्यसभा में हाल ही का एक पल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। राघव चड्ढा ने अपने पद से हटाए जाने के बाद भी बड़े सहज और आत्मविश्वास भरे अंदाज में अपनी बात रखी। यह मौका था जब हरिवंश को लगातार तीसरी बार उपसभापति चुना गया।चड्ढा का अंदाज न तो ज्यादा आक्रामक था और न ही रक्षात्मक बल्कि एकदम संतुलित और मानवीय लगा, जिसने लोगों का ध्यान खींच लिया।
“पद गया, पर जिम्मेदारी नहीं”
अपने संबोधन में राघव चड्ढा ने बिना किसी झिझक के बताया कि उन्हें हाल ही में डिप्टी लीडर के पद से हटा दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी के बड़े नेता उस समय सदन में मौजूद नहीं थे।लेकिन सबसे खास बात यह रही कि उन्होंने इसे शिकायत की तरह नहीं, बल्कि एक सच्चाई के तौर पर साझा किया। उनका संदेश साफ था। पद बदल सकता है, लेकिन जिम्मेदारी निभाने का जज़्बा नहीं।
खट्टा-मीठा रिश्ता, मुस्कान के साथ
हरिवंश को बधाई देते हुए चड्ढा ने एक दिलचस्प बात कही। उन्होंने अपने और हरिवंश के रिश्ते को “खट्टा-मीठा” बताया।उन्होंने हंसते हुए कहा कि जब वह विषय से हट जाते हैं तो उन्हें डांट मिलती है, लेकिन जब सही मुद्दे पर बात करते हैं तो सराहना भी मिलती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे यह रिश्ता पूरी तरह “मीठा” हो जाएगा।यह हल्का-फुल्का अंदाज ही लोगों को सबसे ज्यादा पसंद आया और यही हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सभापति से विनम्र अनुरोध
चड्ढा ने सी पी राधाकृष्णन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि अब ज्यादा सांसदों को बोलने का मौका मिल रहा है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है।साथ ही उन्होंने मुस्कुराते हुए एक छोटी-सी अपील की अगर वक्त खत्म होने के बाद एक-दो मिनट और मिल जाएं, तो सदस्य अपनी बात और बेहतर तरीके से रख सकते हैं।
क्यों वायरल हो रहा है ये वीडियो?
इस पूरे घटनाक्रम में कोई तीखी बहस नहीं थी, फिर भी यह चर्चा में है। वजह है सादगी, साफगोई और थोड़ा सा ह्यूमर।आज के राजनीतिक माहौल में जहां बयान अक्सर कठोर होते हैं, वहां राघव चड्ढा का यह मानवीय और सहज अंदाज लोगों को अलग और ताज़ा लगा। यही कारण है कि यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं।
