- विज्ञापन -
Home भारत National World Fertility Rate: दुनिया में घटती प्रजनन दर,विशेषज्ञों ने दी चेतावनी और...

World Fertility Rate: दुनिया में घटती प्रजनन दर,विशेषज्ञों ने दी चेतावनी और बताया भविष्य की चुनौतियां

World Fertility Rate:दुनिया भर के कई देश तेजी से बदलते जनसांख्यिकीय ढांचे का सामना कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर प्रजनन दर (Fertility Rate) में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जो आने वाले दशकों में आर्थिक और सामाजिक संरचना पर बड़ा असर डाल सकती है। भारत भी इस वैश्विक ट्रेंड का हिस्सा बनता दिख रहा है।

भारत में TFR 1.9: नई रिपोर्ट के आंकड़े

- विज्ञापन -

सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (SRS) 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate – TFR) घटकर 1.9 पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि औसतन एक महिला अपने जीवनकाल में दो से भी कम बच्चों को जन्म दे रही है। कुछ दशक पहले यह संख्या 3 से 4 के बीच हुआ करती थी, जो अब तेजी से कम हो गई है।

क्यों घट रही है जन्म दर?

विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कई कारण हैं। बढ़ती जीवन-लागत, देर से विवाह, शहरीकरण, शिक्षा का विस्तार, महिलाओं की बढ़ती कार्यबल भागीदारी और बदलती सामाजिक सोच प्रमुख वजहें हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और परिवार नियोजन के प्रति बढ़ती जागरूकता ने भी जन्म दर को प्रभावित किया है।

राज्यों में असमान स्थिति

भारत में सभी राज्यों में स्थिति एक जैसी नहीं है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और झारखंड जैसे राज्यों में अभी भी प्रजनन दर अपेक्षाकृत अधिक है। वहीं दिल्ली, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में यह दर करीब 1 के आसपास पहुंच गई है। बिहार में अभी भी औसतन प्रति महिला लगभग 3 बच्चे देखे जाते हैं।

बुजुर्ग आबादी बढ़ने का खतरा

कम जन्म दर का सबसे बड़ा असर आने वाले समय में जनसंख्या संरचना पर पड़ सकता है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इससे कार्यशील युवाओं की संख्या घट सकती है और बुजुर्ग आबादी बढ़ सकती है। इसका सीधा असर अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और पेंशन सिस्टम पर पड़ सकता है। दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में यह प्रवृत्ति पहले ही दिखने लगी है।

चीन और अन्य देशों का उदाहरण

चीन इसका प्रमुख उदाहरण माना जाता है, जहां कई प्रोत्साहन योजनाओं के बावजूद जन्म दर लगातार गिर रही है। 2025 तक चीन की आबादी में गिरावट दर्ज की गई है और बुजुर्ग आबादी तेजी से बढ़ रही है। वहीं जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में भी बेहद कम प्रजनन दर दर्ज की जा रही है।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भी अधिकांश देशों में प्रजनन दर प्रतिस्थापन स्तर (2.1) से नीचे पहुंच चुकी है। भारत, नेपाल, फिलीपींस और श्रीलंका जैसे देशों में यह लगभग 1.9 के आसपास है, जबकि दक्षिण कोरिया, जापान और हांगकांग में यह 1 से भी नीचे चली गई है।

- विज्ञापन -
Exit mobile version