Pickle Capital of India: भारतीय खाने की थाली में अचार की जगह हमेशा खास रही है। दाल-चावल हो, पराठा हो या फिर साधारण रोटी-सब्जी, अचार की थोड़ी सी मात्रा भी खाने का स्वाद बदल देती है। आम, नींबू, मिर्च, आंवला और मिक्स अचार जैसे कई स्वाद देशभर में लोकप्रिय हैं।
लेकिन हरियाणा का पानीपत इस मामले में कुछ अलग है। ऐतिहासिक लड़ाइयों और हैंडलूम उद्योग के लिए मशहूर यह शहर अपने अचार कारोबार के कारण भी देश-दुनिया में पहचान बना चुका है। इसे भारत की ‘पिकल कैपिटल’ यानी अचार राजधानी कहा जाता है।
पचरंगा अचार ने दिलाई खास पहचान
पानीपत के अचारों में सबसे ज्यादा चर्चा पचरंगा अचार की होती है। इसकी परंपरा करीब एक सदी पुरानी बताई जाती है। 1925 में शुरू हुई इस अचार परंपरा को बाद में पानीपत में नई पहचान मिली।
आज यहां तैयार होने वाला अचार सिर्फ देश के अलग-अलग हिस्सों तक सीमित नहीं है। अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और कई मध्य-पूर्वी देशों में भी पानीपत के अचारों की मांग बताई जाती है। यही वजह है कि स्थानीय अचार उद्योग ने शहर को एक अलग पहचान दी है।
पांच रंगों और खास मसालों का स्वाद
‘पचरंगा’ शब्द का मतलब ही पांच रंग होता है। पारंपरिक पचरंगा अचार में कच्चा आम, हरी मिर्च, नींबू, आंवला और अन्य मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी खासियत केवल सामग्री नहीं, बल्कि इसे तैयार करने की पारंपरिक प्रक्रिया भी है।
आज भले ही अचार बनाने में आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल होने लगा हो, लेकिन धूप में प्राकृतिक तरीके से सामग्री को सुखाने और पकाने की परंपरा अब भी कई जगह दिखाई देती है। सरसों का तेल और पारंपरिक मसाले इसके स्वाद को और खास बना देते हैं।
इन अचारों का स्वाद भी जरूर लें
पानीपत में पचरंगा मिक्स अचार के अलावा भरवां लाल और हरी मिर्च, खट्टा-मीठा नींबू, आंवला और लहसुन के अचार भी पसंद किए जाते हैं। हर अचार का अपना अलग स्वाद और खुशबू है।
यही पारंपरिक स्वाद, पुरानी विधियां और बढ़ता निर्यात पानीपत को देश के अचार के नक्शे पर खास जगह दिलाते हैं। अगर आप खाने के साथ अचार के शौकीन हैं, तो पानीपत का स्वाद आपके लिए किसी छोटी सी फूड ट्रिप से कम नहीं होगा।
