Vishal Garg fired from Better.com: साल 2021 में भारतीय मूल के कारोबारी विशाल गर्ग अचानक पूरी दुनिया में चर्चा में आ गए थे। वजह थी उनकी एक Zoom कॉल, जिसमें उन्होंने करीब 900 कर्मचारियों को महज चार मिनट में नौकरी से निकालने का ऐलान कर दिया था। क्रिसमस से ठीक पहले हुई इस कॉल में गर्ग ने बेहद सख्त अंदाज में कर्मचारियों को बताया था कि उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म की जा रही हैं।
इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद कंपनी की कार्यसंस्कृति और गर्ग के व्यवहार पर जमकर सवाल उठे। कंपनी के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने विरोध में इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद गर्ग को कुछ समय के लिए छुट्टी पर भेज दिया गया।
अब खुद कंपनी से हुए बाहर
विडंबना यह है कि जिस बॉस ने कभी सैकड़ों कर्मचारियों को एक झटके में बाहर का रास्ता दिखाया था, अब उन्हें खुद Better Home & Finance से बाहर होना पड़ा है। कंपनी के बोर्ड ने गर्ग को सीईओ पद से हटा दिया है।
गर्ग का दावा है कि उनके साथ विश्वासघात हुआ। उनका आरोप है कि हेज फंड मैनेजर डेनियल लुईस ने पहले कंपनी की लागत कम करने और उसे मुश्किल दौर से निकालने के नाम पर उनका भरोसा जीता। इसके बाद गर्ग ने उन्हें बोर्ड में शामिल किया।
सात दिन में बदला पूरा खेल
गर्ग के मुताबिक, बोर्ड में शामिल होने के सिर्फ सात दिन बाद लुईस ने दूसरे डायरेक्टर्स का समर्थन हासिल कर लिया और उन्हें सीईओ पद छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया गया। इसके बाद 3 अगस्त को लुईस ने कंपनी की कमान संभाल ली।
गर्ग अब अपनी वापसी के लिए कानूनी रास्ता अपनाने की तैयारी में हैं। उन्होंने अमेरिकी वकील एलेक्स स्पाइरो को भी नियुक्त किया है और कंपनी के प्रमुख शेयरधारकों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
1 डॉलर सालाना पर काम करने की पेशकश
सबसे दिलचस्प बात यह है कि गर्ग ने बोर्ड के सामने एक अनोखा प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि कंपनी जब तक मुनाफे में नहीं आती, तब तक वह सिर्फ 1 डॉलर सालाना के टोकन वेतन पर काम करने को तैयार हैं। हालांकि, बोर्ड ने उनकी इस पेशकश को भी ठुकरा दिया है।
कंपनी के शेयरों का भी बुरा हाल
Better Home & Finance ने अगस्त 2023 में SPAC विलय के जरिए शेयर बाजार में एंट्री की थी। इसके बाद मॉर्गेज दरों में बढ़ोतरी, होम लोन की मांग में गिरावट और कंपनी की खराब छवि का असर कारोबार पर पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर में 90 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई।
अब बोर्ड का कहना है कि कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए नए नेतृत्व और बेहतर कॉरपोरेट संस्कृति की जरूरत है। विशाल गर्ग की कहानी फिलहाल यह दिखाती है कि कभी दूसरों को नौकरी से निकालने वाला बॉस भी एक दिन खुद उसी स्थिति में खड़ा हो सकता है।
