Railway Complimentary Pass: रेलवे बोर्ड ने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और कार्यरत दिव्यांग कर्मचारियों के लिए पोस्ट रिटायरमेंट कॉम्प्लीमेंट्री पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर नई व्यवस्था स्पष्ट कर दी है। बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों, आईआरसीटीसी और क्रिस को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एचआरएमएस (HRMS) के माध्यम से पास जारी करने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। हालांकि, तकनीकी समस्या आने पर अंतरिम व्यवस्था के रूप में मैनुअल पास भी जारी किए जा सकेंगे।
एचआरएमएस रहेगा प्राथमिक माध्यम
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (एमपीपी) शत्रुघ्न बेहरा द्वारा 15 जुलाई को जारी आदेश में बताया गया कि 29 मई 2026 से एचआरएमएस आधारित पास प्रणाली लागू की गई थी। इसका उद्देश्य सेवानिवृत्त रेलकर्मियों और पात्र दिव्यांग कर्मचारियों को पीआरएस काउंटर के साथ-साथ आईआरसीटीसी पोर्टल से भी टिकट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराना था।
तकनीकी समस्या पर मिलेगा मैनुअल पास
बोर्ड ने बताया कि अधिकांश पेंशनभोगी और पात्र कर्मचारी एचआरएमएस सुविधा का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। लेकिन जिन मामलों में तकनीकी या अन्य कारणों से ई-पास जारी नहीं हो पाएगा, वहां संबंधित अधिकारियों को मैनुअल पास जारी करने की अनुमति दी गई है।
कारण दर्ज करना होगा अनिवार्य
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि हर मैनुअल पास जारी करने के मामले में उसका कारण एचआरएमएस के ई-पास मॉड्यूल में दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे तकनीकी समस्याओं का विश्लेषण कर भविष्य में आवश्यक सुधार किए जा सकेंगे।
तीन महीने बाद होगी समीक्षा
बोर्ड ने यह भी कहा है कि नई व्यवस्था की तीन महीने बाद समीक्षा की जाएगी। समीक्षा के आधार पर आगे की नीति और आवश्यक बदलावों पर निर्णय लिया जाएगा। इस फैसले से तकनीकी बाधाओं के कारण पास प्राप्त करने में आने वाली दिक्कतों से सेवानिवृत्त रेलकर्मियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
