Red Fort Terror Attack: दिल्ली के लाल किले के पास नवंबर 2025 में हुए आतंकी हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की नई रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) लगातार दक्षिण एशिया में अपनी गतिविधियों को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट में नवंबर 2025 में दिल्ली में हुए हमले को AQIS से जोड़ा गया है। इस धमाके में 11 लोगों की मौत हुई थी, जबकि दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
पहले जैश-ए-मोहम्मद से जोड़ा गया था हमला
हमले को लेकर संयुक्त राष्ट्र की पिछली निगरानी रिपोर्ट में अलग आकलन सामने आया था। उसमें एक सदस्य देश के हवाले से कहा गया था कि जैश-ए-मोहम्मद (JeM) का इस हमले से संबंध हो सकता है।
अब नई रिपोर्ट में AQIS का नाम सामने आने से हमले के पीछे सक्रिय आतंकी नेटवर्क को लेकर जांच का दायरा और महत्वपूर्ण हो गया है।
कैसे हुआ था लाल किले के पास धमाका?
नवंबर 2025 में शाम करीब सात बजे लाल किले के पास एक चलती हुंडई आई20 कार में जोरदार विस्फोट हुआ था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, वाहन उमर उन नबी चला रहा था और विस्फोट में उसकी भी मौत हो गई।
धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने मामले की जांच शुरू की और इसे आतंकी साजिश के तौर पर जांचा गया।
AQIS को लेकर UN ने जताई चिंता
UNSC की रिपोर्ट में AQIS के छोटे-छोटे गुटों के जरिए काम करने और गतिविधियों के लिए आर्थिक एवं लॉजिस्टिक नेटवर्क तैयार करने का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में बांग्लादेश के जरिए क्षेत्र में नेटवर्क मजबूत करने की कोशिशों को लेकर भी चिंता जताई गई है।
रिपोर्ट में अल-कायदा और ISIS से जुड़े संगठनों की क्षमताओं और गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।
NIA ने दाखिल की करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट
लाल किले के पास हुए विस्फोट मामले में NIA ने 11 संदिग्ध आरोपियों के खिलाफ करीब 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। अभियोजन पक्ष की शिकायत में 580 से अधिक गवाहों का भी उल्लेख किया गया है।
मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने NIA की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के लिए 27 अगस्त की तारीख निर्धारित की है।
