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Tuesday, June 25, 2024
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Uttarkashi Tunnel Rescue Update : अब NDRF के हाथ रेस्क्यू की कमान, 48 मीटर ड्रिलिंग पूरी, पीएम मोदी ने दिए जरूरी दिशा-निर्देश!

Uttarkashi Tunnel Rescue Update : सिलक्यारा सुरंग (Silkyara Tunnel Rescue) में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि आज सभी 41 मजदूरों को सही सलामत बाहर निकाल लिया जाएगा। मजदूरों के सेहत को लेकर को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह तैयार है। शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू का मोर्चा संभाला है। केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह भी टनल का निरीक्षण करने पहुंचे। बता दें कि वे उत्तरकाशी में ही कैम्प कर रहे हैं।

अब तक 48 मीटर ड्रिलिंग पूरी

टनल में अमेरिकी ऑगर ड्रिलिंग मशीन से काम शुरू किया गया। अब मजदूरों को निकालने के लिए 800 एमएम व्यास का 6 मीटर का पाइप अंदर डाला जाएगा। बता दें कि गुरुवार सुबह ब्लॉकेज और मशीन खराब होने की वजह से ड्रिलिंग का काम बंद था। बता दें कि अब तक 48 मीटर के करीब ड्रिलिंग हो चुकी है। अभी लगभग 12 मीटर पाइप और ड्रिल किया जाना है।

वर्टिकल ड्रिलिंग के बैकअप तैयार

मजदूरों को बाहर निकालने के लिए (Uttarkashi Tunnel Rescue Update) आज 13वें दिन भी रेस्क्यू जारी है। SJVN लिमिटेड के अधिकारी वर्टिकल ड्रिलिंग के बैकअप प्लान के लिए मुस्तैद हैं। कंपनी के महाप्रबंधक जसवंत कपूर ने मशीन पाइप ड्रिल को पहाड़ी पर पहुंचाने के लिए क्लियरेंस मांग ली है।

पीएम मोदी ने सीएम धामी से लिया अपडेट

PM Modi CM Pushkar Singh Dhami, Uttarkashi Tunnel Rescue Update

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे में जानकारी ली। पीएम ने टनल के अंदर फंसे मजदूरों का हाल और उन्हें दिए जाने वाले भोजन और रोजमर्रा की चीजों के बारे में भी जानकारी ली और सीएम धामी को जरूरी दिशा निर्देश दिए।

NDRF ने संभाला मोर्चा

टनल में फंसे सभी मजदूरों को बाहर निकालने के लिए अब एनडीआरएफ ने मोर्चा संभाला है। शुक्रवार को एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन (Uttarkashi Tunnel Rescue Update) में जुट गई।

ऑगर मशीन से ड्रिलिंग पूरी होने के बाद NDRF की टीम फंसे 41 मजदूरों को बाहर निकालने के लिए इसको लेकर ड्रील भी की। टीम की टायर लगे स्ट्रेचर से एक सिविलियन को बाहर निकालने की मॉक ड्रील सफल रही।

बता दें कि शुक्रवार को सिलक्यारा सुरंग में फंसे मजदूरों को नाश्ता भी भिजवाया गया। नाश्ते में सभिवके लिए मूंग दाल की खिचड़ी, ब्रेड, उबले अंडे, जैम और दूध भेजा गया।

मजदूरों को एयरलिफ्ट की तैयारी पूरी

आज सभी मजदूरों के बाहर निकलने की उम्मीद है। सुरंग के बाहर एंबुलेंस का भी इंतजाम किया गया है। मजदूरों की ज्यादा खराब हालत को देखते हुए उन्हें एयरलिफ्ट कर एम्स लेकर जाया जाएगा। इसके लिए भी स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है।

सिलक्यारा से चिन्यालीसौड़ के बीच ग्रीन कॉरिडोर

जब श्रमिकों को सुरंग से निकाला जाएगा तो उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ (Chinyalisaur) पहुंचाने के लिए सिलक्यारा से लेकर चिन्यालीसौड़ के बीच ग्रीन कॉरिडोर (Green Corridor) बनाया जाएगा। जिसको देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्यालीसौड़ में भी सुरक्षा बढ़ाई गई है। यहां आईटीबीपी के जवानों को तैनात किया गया है।

बेंगलुरु से मंगाए दो एडवांस ड्रोन

आपको बता दें कि बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) ने बेंगलुरु से दो एडवांस ड्रोन भी मंगाए हैं। बेंगलुरु की स्क्वाड्रन इंफ्रा के 6 टनलिंग-माइनिंग विशेषज्ञ इंजीनियर की टीम ने सुरंग में जाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से वहां की स्थिति देखी।

जानकारी के मुताबिक मलबे के भीतर ड्रिल में आ रही परेशानियों के बीच बेंगलुरु की स्क्वाड्रन इंफ्रा एंड माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की मदद ली जा रही है।‌‌

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