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Gold,Silver market value: बाजार में हलचल:सोना-चांदी अब सुरक्षित नहीं,निवेशक हो जाएं सतर्क

Gold,Silver market value: पिछले कुछ सालों से सोना और चांदी को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। लेकिन पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने इस धारणा को हिला कर रख दिया है। हाल ही में बाजार में जो उतार-चढ़ाव देखने को मिला, उसने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब ये कीमती धातुएं पहले जितनी भरोसेमंद नहीं है। सोमवार को महज तीन घंटे के भीतर सोना और चांदी के बाजार मूल्य में करीब दो ट्रिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट ऐसे समय में आई जब तेल की कीमतें स्थिर थीं और अमेरिकी शेयर बाजार में मजबूती देखी जा रही थी। आमतौर पर ऐसे हालात में सोने की कीमत बढ़ती है,लेकिन इस बार उल्टा हुआ है।मगलवार को सोने का बाज़ार मूल्य थोड़ा उपर आया जबकि आज बुधवार को कोई बदलाव देखने को नहीं मिला अब देखते है अगले कुछ दिनों में सोने के बाजारो में इस उतर चढ़ाव से क्या फ़र्क़ पड़ता है ।

क्यों हो रहा है ऐसा ?

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इस बदलाव के पीछे कई अहम कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है अमेरिकी बॉन्ड पर बढ़ता रिटर्न। जब निवेशकों को सरकारी बॉन्ड में 4.4% तक का रिटर्न मिलने लगे, तो वे बिना ब्याज वाले सोने में पैसा क्यों लगाएं? यही वजह है कि बड़ी मात्रा में पैसा धातुओं से निकलकर बॉन्ड बाजार में जा रहा है।इसके अलावा डॉलर की मजबूती भी सोने के लिए नुकसानदेह साबित हो रही है। जैसे-जैसे वैश्विक अनिश्चितता बढ़ रही है, निवेशक डॉलर को फिर से सुरक्षित विकल्प मानने लगे हैं। इससे सोने को दोहरी मार पड़ रही है।

 कमोडिटी बाजार पर असर

यह असर सिर्फ सोने-चांदी तक सीमित नहीं रहा। पूरे कमोडिटी बाजार में दबाव देखने को मिला। एमसीएक्स इंडेक्स में गिरावट आई और बेस मेटल्स जैसे तांबा और जिंक भी नीचे आ गए। गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में भारी गिरावट ने निवेशकों की चिंता और बढ़ा दी।

क्या कोई बड़ा खिलाड़ी कर रहा है बिक्री?

बाजार में यह भी चर्चा है कि कोई बड़ा निवेशक अपनी होल्डिंग बेच रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन संकेत साफ हैं कि बाजार में लिक्विडिटी का दबाव है और निवेशक तेजी से अपनी पोजीशन बदल रहे ह

स्थिति और जटिल हो सकती है

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है। अगर यही दबाव आगे क्रेडिट और उभरते बाजारों पर पड़ा, तो स्थिति और जटिल हो सकती है। फिलहाल इतना जरूर है कि सुरक्षित निवेश की पारंपरिक सोच अब बदल रही है, और निवेशकों को पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।

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