Atishi Marlena: दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और Aam Aadmi Party (AAP) की वरिष्ठ नेता Atishi Marlena के पिता प्रोफेसर विजय सिंह का शुक्रवार को निधन हो गया। वे लगभग 80 वर्ष के थे और पिछले करीब एक वर्ष से अस्वस्थ चल रहे थे। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से बेड रेस्ट पर थे और हाल के दिनों में उनकी तबीयत अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें Apollo Hospitals में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।उनके निधन की खबर से परिवार के साथ-साथ AAP के नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी के प्रमुख Arvind Kejriwal और वरिष्ठ नेता Manish Sisodia ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति संवेदनाएं जताईं।
शिक्षा जगत से गहरा जुड़ाव रहा
प्रोफेसर विजय सिंह University of Delhi के इतिहास विभाग में लंबे समय तक अध्यापन कार्य से जुड़े रहे। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा और समाज सेवा को समर्पित किया। उनकी पत्नी तृप्ता वाही भी दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रोफेसर रही हैं। दोनों ने मिलकर हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की और सामाजिक मूल्यों से जुड़ी सोच विकसित करने में योगदान दिया।उनके छात्र उन्हें एक समर्पित शिक्षक के रूप में याद करते हैं, जो सिर्फ पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहते थे बल्कि जीवन के मूल्य भी सिखाते थे। शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम मानना उनके व्यक्तित्व की प्रमुख पहचान रही।
बीमारी के कारण लंबे समय से थे अस्वस्थ
परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, पिछले एक वर्ष से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी और वे बिना सहारे चलने में भी असमर्थ हो गए थे। इसके बावजूद Atishi Marlena अपने व्यस्त राजनीतिक कार्यक्रमों के बीच नियमित रूप से उनकी देखभाल करती रहीं।जनवरी 2025 में एक राजनीतिक बयान को लेकर हुए विवाद के दौरान भी उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपने पिता की बीमारी और उनके शिक्षकीय योगदान का जिक्र करते हुए भावुक प्रतिक्रिया दी थी।
नेताओं ने जताई संवेदनाएं
Arvind Kejriwal ने कहा कि प्रो. विजय सिंह ने शिक्षा के माध्यम से समाज सेवा की मिसाल पेश की। वहीं Manish Sisodia ने उन्हें मूल्यों और शिक्षा आधारित जीवन जीने वाला व्यक्तित्व बताते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
राजनीतिक और सामाजिक रूप से सक्रिय परिवार से जुड़े होने के कारण उनका निधन दिल्ली की सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए भी भावनात्मक क्षति माना जा रहा है।
