Delhi News: दिल्ली में 17 साल से सक्रिय एक महिला नौकरानी बनकर पॉश घरों में चोरी करती थी। वह अलग-अलग नामों से लोगों का भरोसा जीतती और करोड़ों के गहने चुरा लेती। पुलिस ने उसे रोहिणी से गिरफ्तार किया, जहां उसने सुरक्षा के लिए 15 खतरनाक कुत्ते पाल रखे थे।
दिल्ली की ‘सीरियल गोल्ड थीफ’ का 17 साल लंबा खेल
दिल्ली की पॉश कॉलोनियों में पिछले 17 सालों से एक ऐसी महिला सक्रिय थी, जो नौकरानी बनकर घरों में एंट्री करती और फिर लाखों-करोड़ों के गहने लेकर गायब हो जाती। कभी उसका नाम सोनिया होता, कभी सोना और कभी अनीता। पुलिस के मुताबिक, यही उसकी सबसे बड़ी चाल थी,हर इलाके में नई पहचान और भरोसेमंद व्यवहार।
कैसे जीतती थी लोगों का भरोसा?
महिला घर-घर जाकर काम मांगती थी। खास बात यह थी कि सामने वाला जितनी भी सैलरी बताता, वह तुरंत मान जाती। शुरुआत के कुछ दिनों में वह बेहद ईमानदारी और मेहनत से काम करती, जिससे परिवार को उस पर पूरा भरोसा हो जाता था।धीरे-धीरे वह घर के हर सदस्य की दिनचर्या समझ लेती। किस समय कौन बाहर जाता है, गहने कहां रखे हैं और घर में कौन अकेला रहता है,वह सारी जानकारी चुपचाप इकट्ठा करती रहती थी। सही मौका मिलते ही वह गहनों पर हाथ साफ कर फरार हो जाती।
चोरी का सोना बेचती नहीं थी
इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि महिला चोरी किए गए गहनों को बेचती नहीं थी। पुलिस जांच में पता चला कि उसने अलग-अलग गोल्ड लोन कंपनियों में करीब 15 लॉकर ले रखे थे। इनमें 2 किलो से ज्यादा सोना बरामद हुआ है।महिला इन गहनों को लॉकर में जमा कर उनके बदले लोन लेती थी। इसी पैसे से उसने दिल्ली के रोहिणी इलाके में कई फ्लैट और मकान भी खरीद लिए। पुलिस अब उसकी संपत्तियों और गोल्ड लोन कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
15 खूंखार कुत्तों से करती थी सुरक्षा
जब पुलिस महिला को पकड़ने उसके घर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर टीम भी हैरान रह गई। घर में 15 खतरनाक नस्ल के कुत्ते मौजूद थे, जिनमें पिटबुल और अमेरिकन बुली जैसे डॉग शामिल थे।पुलिस के अनुसार, जैसे ही टीम ने घर में घुसने की कोशिश की, महिला ने कुत्तों को हमला करने के लिए छोड़ दिया। काफी मशक्कत और सावधानी के बाद पुलिस अंदर पहुंच सकी। आखिरकार महिला अपने कमरे में रजाइयों के नीचे छिपी मिली।
हाल की चोरी ने खोली पोल
अप्रैल 2026 में शालीमार बाग के एक कारोबारी परिवार ने उसे घरेलू काम के लिए रखा था। सिर्फ तीन दिन में उसने घर की पूरी जानकारी जुटा ली। फिर एक दिन बुजुर्ग दंपती के पूजा में व्यस्त होने का फायदा उठाकर करीब 1.5 करोड़ रुपये के गहने लेकर फरार हो गई,इसी शिकायत के बाद पुलिस ने जांच तेज की और 17 साल पुराने इस ‘गोल्ड गेम’ का आखिरकार पर्दाफाश हो गया।
