Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत अचानक गिर गई। हादसे में अब तक 6 छात्रों की मौत की जानकारी सामने आई है। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव अभियान देर रात तक जारी रहा।
हादसे के बाद सामने आए CCTV फुटेज में इमारत गिरते ही बाहर मौजूद एक व्यक्ति को तेजी से सुरक्षित स्थान की ओर भागते देखा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि शुरुआत में उन्हें लगा कि कोई बड़ा धमाका हुआ है। इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और धूल का गुबार फैल गया।
NDRF ने संभाला रेस्क्यू ऑपरेशन
सूचना मिलने के बाद NDRF की दो टीमें मौके पर पहुंचीं। करीब 70 जवानों ने मलबे के अलग-अलग हिस्सों में तलाश शुरू की। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें भी तैयार रखी गईं।
रेस्क्यू के दौरान लाइफ डिटेक्टर, प्रशिक्षित सर्च डॉग्स और अलग-अलग कटिंग उपकरणों की मदद से मलबे के नीचे लोगों की मौजूदगी के संकेत तलाशे गए। जहां संकेत मिले, वहां जवानों ने सावधानी से मलबा हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
अचेत युवक समेत तीन लोगों को निकाला
बचाव अभियान के दौरान एक युवक के मलबे में फंसे होने के संकेत मिले। NDRF टीम ने करीब 15 मिनट में उसे बाहर निकाल लिया। इसके बाद दो अन्य लोगों को भी लगभग 30 मिनट के भीतर सुरक्षित निकाला गया।
मलबे को हटाने के लिए डायमंड चेन सॉ, हाइड्रोलिक जैक और कॉम्बी कटर जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया गया। कुछ हिस्सों में प्लाज्मा कटर की मदद भी ली गई। कमजोर हिस्सों को स्थिर रखने के लिए शोरिंग उपकरण और हाई-स्ट्रेंथ इन्फ्लेटेबल बैग लगाए गए।
जांच के लिए विशेष कमेटी गठित
दिल्ली सरकार ने हादसे की वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए विशेष जांच समिति बनाई है। कमेटी घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी।
वहीं पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ FIR दर्ज की है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर कार्रवाई कर रही हैं।
मौके पर जुटे छात्र और स्थानीय लोग
हादसे के बाद बड़ी संख्या में छात्र और स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ लोगों ने बचाव दल की मदद की, जबकि कई छात्र अपने दोस्तों और साथियों की जानकारी लेने के लिए मौके पर मौजूद रहे। मलबा हटाने और फंसे लोगों की तलाश का अभियान लगातार जारी रहा।
