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Delhi Sleeper Bus Safety: दिल्ली की स्लीपर बसों में सुरक्षा नियमों का हाल बेहाल , पैनिक बटन तो दूर CCTV का भी पता नहीं

Delhi Sleeper Bus: दिल्ली की सड़कों पर चलने वाली निजी स्लीपर बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एक नाबालिग के साथ चलती बस में हुई गंभीर आपराधिक घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। इसी बीच बुधवार को की गई पड़ताल में कई निजी स्लीपर बसों में जरूरी सुरक्षा इंतजामों की कमी सामने आई।

कई बसों में CCTV और पैनिक बटन नहीं

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दिल्ली से अलग-अलग राज्यों के लिए चलने वाली स्लीपर बसों की जांच के दौरान कहीं CCTV कैमरे नहीं मिले तो कहीं पैनिक बटन की व्यवस्था नदारद थी। कुछ बस चालकों से जब पैनिक बटन के बारे में पूछा गया तो उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं थी।इसके अलावा दिन के समय भी कई बसों की खिड़कियों पर पर्दे लगे हुए थे। इससे बस के अंदर की गतिविधियां बाहर से दिखाई नहीं देतीं और आपात स्थिति में निगरानी मुश्किल हो सकती है।

लाल किला से चलने वाली बसों में भी खामियां

लाल किला स्थित सुनहरी मस्जिद की पार्किंग से जम्मू और कटरा जाने वाली बड़ी संख्या में स्लीपर बसें संचालित होती हैं। पड़ताल के दौरान यहां करीब 40 बसें खड़ी मिलीं। यात्रियों की सुविधा से जुड़े इंतजाम तो कई बसों में मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कमियां दिखाई दीं।

कई बसों में CCTV कैमरे नहीं थे। जिन बसों में कैमरे लगे थे, उनमें भी खिड़कियों पर पर्दे लगे मिले। किसी बस में पैनिक बटन की व्यवस्था नजर नहीं आई।

मोरी गेट पर भी स्थिति चिंताजनक

मोरी गेट से पंजाब, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के लिए जाने वाली स्लीपर बसों में भी सुरक्षा व्यवस्था एक जैसी नहीं मिली। यहां 100 से ज्यादा बसें यात्रियों के इंतजार में खड़ी थीं। कुछ बसों में CCTV और पैनिक बटन दोनों मौजूद थे, लेकिन बड़ी संख्या में बसों में ये सुविधाएं नहीं मिलीं।

जांच व्यवस्था पर उठे सवाल

पड़ताल के दौरान सामने आई कमियों ने बसों की फिटनेस और निरीक्षण प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं। वहीं आनंद विहार क्षेत्र में अवैध बस संचालन और नियमों के उल्लंघन के आरोप भी सामने आए हैं।

कुछ बस चालकों ने जांच के दौरान रिश्वत दिए जाने के आरोप लगाए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमों के प्रभावी पालन और नियमित जांच की जरूरत सामने आती है।

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