Bollywood News: कुणाल खेमू आज बॉलीवुड में अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग और दमदार अभिनय के लिए पहचाने जाते हैं। हालांकि, बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट उनका सफर काफी पहले शुरू हो गया था। उनकी जिंदगी से जुड़ा एक मजेदार किस्सा हाल ही में सामने आया है, जब वह महज सात साल के थे। उस वक्त एक फिल्म की शूटिंग और स्कूल पिकनिक के बीच उन्हें ऐसा फैसला लेना पड़ा था, जिसे याद करके आज भी वह मुस्कुरा सकते हैं।
स्कूल पिकनिक और शूटिंग के बीच फंसे थे कुणाल
साल 1993 में रिलीज हुई आमिर खान और जूही चावला की फिल्म ‘हम हैं राही प्यार के’ में कुणाल खेमू भी नजर आए थे। फिल्म की शूटिंग के दौरान एक दिन ऐसा आया, जब कुणाल की स्कूल पिकनिक और शूटिंग एक ही दिन पड़ गई।
कुणाल ने बताया कि उस समय वह केवल सात साल के थे। उनके पिता ने इस मामले में खुद फैसला लेने के बजाय फिल्म की टीम और कुणाल पर ही निर्णय छोड़ दिया। महेश भट्ट को अगले दिन कुणाल के एक सीन की शूटिंग करनी थी, इसलिए उनके सामने समस्या थी कि आखिर बच्चे को शूटिंग के लिए कैसे रोका जाए।
महेश भट्ट ने दिया वीडियो गेम का लालच
कुणाल के मुताबिक, महेश भट्ट ने सीधे उनसे ही पूछा कि ऐसा क्या किया जाए जिससे वह स्कूल पिकनिक पर जाने के बजाय शूटिंग के लिए रुक जाएं। उस दौर में एक खास वीडियो गेम बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय था और कुणाल के पास वह गेम नहीं था।
कुणाल ने मजाकिया अंदाज में बताया कि उन्होंने वीडियो गेम की मांग कर दी। महेश भट्ट ने उनकी बात मान ली और उन्हें वह वीडियो गेम दिला दिया। कुणाल ने इस घटना को मजाक में अपनी जिंदगी की एक तरह की ‘रिश्वत’ बताया।
अगले दिन समझ आया कि डील इतनी अच्छी नहीं थी
वीडियो गेम मिलने के बाद कुणाल ने शूटिंग के लिए रुकने का फैसला तो कर लिया, लेकिन अगले दिन उन्हें अपनी पसंद पर पछतावा होने लगा। दरअसल, उनके घर से उनका स्कूल दिखाई देता था। सुबह उन्होंने देखा कि उनके दोस्त स्कूल बस में बैठकर पिकनिक के लिए जा रहे थे।
यह देखकर कुणाल को एहसास हुआ कि वीडियो गेम के बदले पिकनिक छोड़ना शायद उनकी जिंदगी का सबसे खराब सौदा था। बचपन की यह छोटी-सी घटना आज उनके फिल्मी सफर की यादगार कहानियों में शामिल है।
चाइल्ड आर्टिस्ट से बने सफल अभिनेता
‘हम हैं राही प्यार के’ कुणाल की शुरुआती फिल्मों में से एक थी। इसके बाद उन्होंने बतौर बाल कलाकार कई फिल्मों में काम किया और ‘जख्म’ जैसी फिल्मों में भी नजर आए। साल 2005 में महेश भट्ट के प्रोडक्शन में बनी ‘कलयुग’ में उन्होंने लीड अभिनेता के तौर पर अपनी पहचान मजबूत की।
कुणाल का यह किस्सा बताता है कि बॉलीवुड की चमक-दमक के पीछे कलाकारों के बचपन की कई ऐसी दिलचस्प यादें भी छिपी होती हैं, जिन्हें सुनकर फैंस के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है।
