Health News: डायबिटीज आज के समय में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है। ब्लड शुगर को कंट्रोल रखने के लिए सिर्फ मीठी चीजों से दूरी बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि दिनभर ग्लूकोज लेवल पर नजर रखना भी जरूरी है। खासतौर पर खाना खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ना सामान्य है, लेकिन अगर यह बार-बार ज्यादा रहे तो ध्यान देना चाहिए।अगर खाना खाने के करीब दो घंटे बाद शुगर लगातार 180 mg/dL से ऊपर आती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। एक अकेली रीडिंग से घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन बार-बार ऐसा होने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
खाना खाने के बाद क्यों बढ़ती है शुगर?
भोजन में मौजूद कार्बोहाइड्रेट शरीर में ग्लूकोज में बदलते हैं। इसी वजह से खाना खाने के बाद ब्लड शुगर बढ़ती है। कार्बोहाइड्रेट की मात्रा और प्रकार के साथ प्रोटीन, फैट, फाइबर और शारीरिक गतिविधि भी इसका असर तय करते हैं।
डायबिटीज में शरीर पर्याप्त इंसुलिन नहीं बना पाता या इंसुलिन का इस्तेमाल प्रभावी ढंग से नहीं कर पाता। ऐसे में भोजन के बाद बढ़ी शुगर को सामान्य स्तर पर लाने में परेशानी हो सकती है।
180 से ऊपर आए तो क्या करें?
अगर पोस्ट-मील शुगर 180 mg/dL से ऊपर आती है तो सबसे पहले देखें कि क्या यह लगातार हो रहा है। खुद से दवा या इंसुलिन की मात्रा बदलना सही नहीं है।
कई दिनों तक शुगर निर्धारित लक्ष्य से ऊपर रहने पर अपनी रीडिंग का रिकॉर्ड बनाकर डॉक्टर या डायबिटीज विशेषज्ञ से बात करें। डॉक्टर आपकी दवाओं, खान-पान और दूसरी स्वास्थ्य स्थितियों को देखकर आगे की सलाह देंगे।
सिर्फ मिठाई से नहीं बढ़ती ब्लड शुगर
डायबिटीज को लेकर एक आम धारणा है कि केवल चीनी या मिठाई खाने से ही शुगर बढ़ती है। ऐसा नहीं है। चावल, सफेद ब्रेड, पास्ता और अन्य रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट भी ब्लड ग्लूकोज बढ़ा सकते हैं।
इसलिए डायबिटीज में पूरे भोजन की मात्रा और गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है। सब्जियां, उचित मात्रा में प्रोटीन, फाइबर और नियंत्रित कार्बोहाइड्रेट वाला संतुलित भोजन मददगार हो सकता है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
लगातार हाई ब्लड शुगर होने पर ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान और धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। हालांकि कुछ लोगों में लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते।
इसलिए नियमित जांच और डॉक्टर की सलाह महत्वपूर्ण है। सबसे जरूरी बात यह है कि एक नंबर देखकर घबराने के बजाय लगातार आने वाली रीडिंग का पैटर्न देखें। पोस्ट-मील शुगर बार-बार ज्यादा रहने पर मेडिकल सलाह लें और बिना डॉक्टर की सलाह दवा या इंसुलिन में बदलाव न करें।
(Disclaimer- यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. The Mid Post इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
