Bollywood News: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपनी बेहतरीन अदाकारी और दमदार किरदारों के लिए जाने जाते हैं। चार दशक से भी ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्में और थिएटर प्रस्तुतियां दी हैं। 76 साल की उम्र में भी वह फिल्मों और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लगातार सक्रिय हैं। हाल ही में उन्होंने लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड को लेकर ऐसा बयान दिया, जिसने उनके फैंस का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
क्यों नहीं लेना चाहते लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड?
हाल ही में इम्तियाज अली की फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ के 50 दिन पूरे होने पर आयोजित सक्सेस पार्टी में नसीरुद्दीन शाह ने मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें कई बार लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड का प्रस्ताव मिला, लेकिन उन्होंने हर बार विनम्रता से मना कर दिया।
उनका कहना था कि ऐसे सम्मान अक्सर यह संकेत देते हैं कि किसी कलाकार का काम पूरा हो चुका है। लेकिन उनके मुताबिक ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मेरा काम अभी खत्म हुआ है। मैं अभी भी अभिनय करना चाहता हूं और बहुत कुछ करना बाकी है।”
काम के प्रति आज भी वही जुनून
नसीरुद्दीन शाह का यह बयान बताता है कि उम्र उनके लिए सिर्फ एक संख्या है। आज भी वह नए किरदारों को चुनौती की तरह स्वीकार करते हैं और अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। थिएटर से लेकर फिल्मों और ओटीटी तक उनकी सक्रियता इस बात का प्रमाण है कि वह लगातार खुद को बेहतर बनाने में विश्वास रखते हैं।
‘मैं वापस आऊंगा’ को मिला शानदार रिस्पॉन्स
इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ विभाजन की भावनात्मक कहानी पर आधारित है। शुरुआत में फिल्म की कमाई धीमी रही, लेकिन दर्शकों के सकारात्मक रिव्यू और मजबूत वर्ड ऑफ माउथ के चलते इसने शानदार प्रदर्शन किया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, रिलीज के 50 दिनों में फिल्म ने 100 करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन हासिल कर लिया है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह के साथ दिलजीत दोसांझ, शरवरी वाघ, वेदांग रैना और रजत कपूर भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं।
फैंस को पसंद आई सोच
नसीरुद्दीन शाह का यह बयान सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों का मानना है कि एक सच्चा कलाकार कभी सीखना और काम करना नहीं छोड़ता। उनका यह नजरिया युवा कलाकारों के लिए भी प्रेरणादायक माना जा रहा है। अभिनय के प्रति उनका समर्पण यही साबित करता है कि असली कलाकार के लिए सीखने और बेहतर बनने का सफर कभी खत्म नहीं होता।
