Iran Israel Conflict:अमेरिका और Iran के बीच तनाव को लेकर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के कथित सख्त बयान सामने आए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने ईरान को समझौते के लिए समयसीमा बताते हुए कड़ी चेतावनी दी और कहा कि यदि तय समय तक सहमति नहीं बनी तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई कर सकता है। हालांकि ऐसे बयानों को लेकर आधिकारिक स्तर पर स्वतंत्र पुष्टि जरूरी मानी जाती है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
समझौते के लिए समयसीमा का दावा
रिपोर्ट्स के अनुसार डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को तय समय तक अमेरिका के साथ समझौते पर सहमत होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही। यह क्षेत्र वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले की चेतावनी का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कथित तौर पर कहा कि अमेरिका के पास ऐसी सैन्य क्षमता है जिससे ईरान के प्रमुख बिजली संयंत्रों और पुलों को कम समय में निशाना बनाया जा सकता है। हालांकि इस तरह के बयानों पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और संभावित युद्ध अपराधों से जुड़े सवाल भी उठाए जाते रहे हैं।
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का भी सख्त रुख
इस दौरान अमेरिका के रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हालात नहीं सुधरे तो सैन्य दबाव और बढ़ सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में कार्रवाई और तेज हो सकती है।
ईरान ने युद्धविराम प्रस्ताव ठुकराने की बात कही
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि ईरान ने 45 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया और स्थायी समाधान की बात दोहराई। वहीं अमेरिका की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को लेकर दबाव बनाए जाने की चर्चा भी सामने आई है।
क्षेत्रीय तनाव बना हुआ है बरकरार
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। ऐसे में किसी भी तरह के सख्त बयान या सैन्य चेतावनी से क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मुद्दों का समाधान कूटनीतिक बातचीत के जरिए ही संभव है।
