Political News: नेपाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को, देश के ‘Gen-Z’ (वर्ष 1997-2012 के बीच पैदा हुई पीढ़ी) आंदोलन के आदर्श और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय 35 वर्षीय बालेंद्र शाह उर्फ बालेन ने नेपाल के 47वें और देश के इतिहास में सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेकर इतिहास रच दिया। रैपर से इंजीनियर और फिर राजनेता बने बालेन की यह ऐतिहासिक जीत नेपाल की पारंपरिक राजनीति में एक बड़े पीढ़ीगत बदलाव (Generational Shift) का प्रतीक है।
केपी ओली को दी करारी मात
बालेन शाह ने नेपाल के झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से संसदीय चुनाव लड़ा और चार बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके दिग्गज नेता के.पी. शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोटों के भारी अंतर से हराया। यह जीत केवल एक सीट की नहीं, बल्कि पुरानी राजनीतिक व्यवस्था पर युवाओं के भरोसे की जीत मानी जा रही है। बालेन मधेस क्षेत्र से देश के प्रधानमंत्री बनने वाले पहले व्यक्ति भी हैं, जो नेपाल के सामाजिक-राजनीतिक एकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।
‘Gen-Z’ का भरोसा और राजनीतिक सूझबूझ
बालेन की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले साल सितंबर में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ हुए देशव्यापी हिंसक प्रदर्शनों के बाद, जब ओली नीत गठबंधन सरकार गिर गई थी, तब युवाओं ने उन्हें अंतरिम सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना था। हालांकि, बालेन ने उस समय इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया और स्पष्ट किया कि वह संसदीय चुनाव लड़कर, लोकतांत्रिक तरीके से पूर्ण कार्यकाल के लिए सरकार का नेतृत्व करना पसंद करेंगे। जनवरी में, वह रवि लामिछाने के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RCP) में शामिल हुए और जल्द ही उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया।
बहुआयामी व्यक्तित्व
काठमांडू में जन्मे बालेन आयुर्वेद चिकित्सक राम नारायण शाह के सबसे छोटे पुत्र हैं। बचपन से ही संगीत और कविता में रुचि रखने वाले बालेन ने शिक्षा के दौरान रैप संगीत की ओर रुख किया और उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर 10 लाख से अधिक ‘सब्सक्राइबर’ हैं।शैक्षणिक रूप से, बालेन ने काठमांडू से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री पूरी की और फिर कर्नाटक (भारत) के विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल की। साल 2022 में, उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के मेयर का चुनाव जीतकर सबको चौंका दिया था। मेयर के रूप में, उन्हें राजधानी में व्यापक सुधारों और सौंदर्यीकरण का श्रेय दिया जाता है, जिसने उनके प्रधानमंत्री बनने के मार्ग को प्रशस्त किया।
