लोहड़ी भारत के कई हिस्सों, विशेषकर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत के अन्य क्षेत्रों में धूम-धाम से मनाया जाने वाला प्रमुख शीतकालीन त्योहार है, जो मकर संक्रांति (आम तौर पर 14 या 15 जनवरी) से एक दिन पहले सेलिब्रेट होता है, लोग इस दिन अलाव जलाते हैं, गीत-गाने और नृत्य करते हैं, और पारिवारिक तथा सामाजिक मेलजोल के साथ त्योहार का आनंद लेते हैं।
इस पारंपरिक उत्सव में खाना भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। न केवल स्वादिष्ट व्यंजन बनते हैं, बल्कि मौसम के अनुसार वे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और सेहत के लिहाज़ से भी फायदेमंद माने जाते हैं। इस लेख में हम लोहड़ी के ऐसे 5 खास व्यंजनों के बारे में विस्तार से बताएँगे जो इस त्यौहार की रौनक को दोगुना करते हैं।
गुड़ की चिक्की (Jaggery & Sesame Candy)
गुड़ की चिक्की लोहड़ी का सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक व्यंजन है। यह तिल (sesame seeds) और गुड़ (jaggery) से तैयार की जाती है जो दोनों ही सदियों से इस त्योहार का प्रतीक रहे हैं।
- स्वाद: मीठा, कुरकुरा और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने वाला
- सेहत: तिल में कैल्शियम, आयरन और जिंक पाए जाते हैं, जबकि गुड़ में प्राकृतिक मिठास के साथ एंटीऑक्सीडेंट गुण भी मौजूद होते हैं जो ऊर्जा और प्रतिरक्षा को बढ़ाते हैं।
- पारंपरिक महत्त्व: यह पकवान अक्सर अग्नि उत्सव और दोस्तों-परिवार में बांटा जाता है, जो सामाजिक मेलजोल को बढ़ावा देता है।
रेवड़ी (Revdi — Sweet Sesame Treat)
रेवड़ी भी तिल और गुड़ के मेल से बनने वाला स्वादिष्ट व्यंजन है। यह लोहड़ी के खास अवसर का अपरिहार्य हिस्सा होती है।
- स्वाद: हल्का मीठा और संतोषजनक
- सेहत: गुड़ और तिल के गुणों के कारण यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ कैल्शियम-आयरन जैसे आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करती है।
- परिवार और त्योहार: रेवड़ी को अक्सर बच्चों और बुज़ुर्गों के बीच बांटा जाता है, जिससे त्योहार में मिठास और अपनापन बनता है।
तिल के लड्डू (Sesame Seed Laddus)
लोहड़ी पर तिल के लड्डू विशिष्ट स्थान रखते हैं। इन्हें बनाने में तिल, गुड़ और घी का उपयोग होता है।
- स्वाद: मीठा, घी-युक्त और संतुलित
- सेहत: तिल के लड्डू विटामिन, खनिज और ऊर्जा से भरपूर होते हैं, जो ठंड के मौसम में शरीर को गर्म और फिट रखने में मदद करते हैं।
- पारंपरिक उपयोग: ये लड्डू त्योहार के अवसर पर बांटे जाते हैं और अग्नि के चारों ओर पकवानों का आनंद लेने में शामिल होते हैं।
सरसों का साग और मक्के की रोटी (Sarson da Saag & Makki di Roti)
यह पंजाबी व्यंजन लोहड़ी पर मेन कोर्स के रूप में अत्यंत लोकप्रिय है।
- सरसों का साग: विटामिन A और C से भरपूर, यह साग त्वचा, द eyesight और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए फायदेमंद है।
- मक्के की रोटी: फाइबर और पोषक तत्वों से भरी यह रोटी दिल को संतोष देती है और सर्द मौसम में ऊर्जा प्रदान करती है।
- संस्कृति: यह संयोजन पंजाब में लोहड़ी की थाली का प्रमुख हिस्सा है, जिसे दही या छाछ के साथ परोसा जाता है।
आटे की पिन्नी (Wheat Flour Pinni)
पिन्नी एक पारंपरिक उत्तर-भारतीय मिठाई है जो सर्दियों में अत्यंत लोकप्रिय है।
- स्वाद: हल्की मिठास के साथ सूखे मेवे और घी की खुशबू
- सेहत: गेहूं का आटा, घी, गुड़ और मेवे मिलकर इसे ऊर्जा और पोषक तत्वों से भरपूर बनाते हैं, खासकर सर्दी के मौसम में शरीर को गर्म रखने के लिए।
- पारिवारिक परंपरा: अक्सर यह बुज़ुर्गों और परिवार के सदस्यों द्वारा बनाई जाती है और त्योहार के आनंद में शामिल होती है।
परंपरा, स्वाद और स्वास्थ्य — लोहड़ी के व्यंजन
लोहड़ी के ये 5 व्यंजन न केवल स्वाद में अद्वितीय हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनमें तिल और गुड़ मुख्य रूप से शामिल हैं, जिनका पारंपरिक रूप से त्योहारों में शुभ माना जाता है और ये शरीर को ठंडी हवाओं से लड़ने में मदद करते हैं।
त्योहारों के दौरान इन पकवानों को पकाने और बांटने की परंपरा सामाजिक मेलजोल, ऊर्जा और प्रसन्नता का प्रतीक है, जो लोहड़ी को सिर्फ एक उत्सव नहीं बल्कि परिवार-परंपरा-स्वास्थ्य का उत्सव बनाती है।
