Matcha Tea Benefits: भारत में दूध वाली चाय का क्रेज लंबे समय से है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जापानी माचा टी भी तेजी से लोकप्रिय हुई है। चमकीले हरे रंग की यह चाय अपने स्वाद के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट और कैफीन की मौजूदगी के कारण चर्चा में रहती है। हालांकि, इसके स्वास्थ्य लाभों को लेकर किए जाने वाले हर दावे को वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं माना जा सकता।
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है माचा
माचा पाउडर वाली ग्रीन टी है, इसलिए इसे सामान्य ग्रीन टी की तुलना में अलग तरीके से तैयार किया जाता है। इसमें कैटेचिन जैसे पॉलीफेनॉल पाए जाते हैं। इनमें EGCG प्रमुख है, जिसे एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए जाना जाता है।
एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, माचा को कैंसर या अन्य गंभीर बीमारियों का इलाज मानना सही नहीं है।
फोकस और मानसिक सतर्कता में मदद
माचा में कैफीन के साथ L-theanine भी पाया जाता है। इन दोनों का संयोजन मानसिक सतर्कता और ध्यान बनाए रखने में मदद कर सकता है। यही वजह है कि कई लोग इसे सुबह या काम के दौरान कॉफी के विकल्प के तौर पर लेते हैं।
हालांकि, माचा को याददाश्त या ब्रेन फंक्शन में बड़ा सुधार करने वाली दवा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
वजन घटाने में कितनी मदद?
ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन और कैफीन मेटाबॉलिज्म तथा ऊर्जा खर्च पर कुछ प्रभाव डाल सकते हैं। लेकिन केवल माचा पीने से तेजी से वजन कम होने की गारंटी नहीं है।
वजन नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। माचा को इन आदतों के साथ एक विकल्प के रूप में शामिल किया जा सकता है।
लिवर को लेकर क्या है सच?
माचा को “लिवर की गंदगी साफ करने” या शरीर को डिटॉक्स करने वाली चाय कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है। शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को हटाने में लिवर और किडनी की अपनी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
माचा में मौजूद पौधीय यौगिकों पर लिवर हेल्थ को लेकर शोध जरूर हुआ है, लेकिन इसे लिवर की बीमारी का इलाज या डिटॉक्स ड्रिंक नहीं माना जा सकता।
कितनी माचा पीनी चाहिए?
माचा में कैफीन होता है, इसलिए ज्यादा मात्रा में लेने से बेचैनी, नींद में परेशानी या दिल की धड़कन बढ़ने जैसी समस्या हो सकती है। इसे संतुलित मात्रा में लेना बेहतर है। गर्भावस्था, कुछ स्वास्थ्य समस्याओं या नियमित दवाओं के सेवन की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
