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Sunday, June 16, 2024
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गर्मी में घर पर बच्चों से कराएं ये योगासन, पूरे दिन रहेंगे एक्टिव

Summer Yoga: गर्मियों की छुट्टियों के दौरान बच्चे ज्यादातर अपना समय घर पर या रिश्तेदारों के साथ बिताते हैं, उनमें से अपने ननिहाल में छुट्टियों का आनंद लेना भी सबसे आम है। हालाँकि, छुट्टियों के दौरान बच्चों में शारीरिक गतिविधि काफी कम हो जाती है। अब इसका एक बड़ा कारण मोबाइल या गैजेट्स हैं। इस कारण वे खेलना-कूदना बंद कर देते हैं। गर्मियों में बढ़ता तापमान भी इसके लिए अधिक जिम्मेदार है, लेकिन घर पर रहना उनकी सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए योग एक बेहतरीन उपाय है।

योग हमारे शरीर को बीमारियों से बचाता है इसलिए बच्चों की दिनचर्या में भी इसकी आदत जरूरी है। योग में कई आसन हैं और हम आपको 5 ऐसे योग आसन के बारे में बताने जा रहे हैं जो गर्मियों में बच्चों के शारीरिक विकास में काफी मददगार हो सकते हैं।

ताड़ासन

माउंटेन पोज़ बच्चे की रीढ़ की हड्डी को सीधा रखता है जिससे वह लंबे समय तक खड़ा रह सकता है। संतुलन और स्थिरता को बढ़ावा देता है जिससे शारीरिक क्षमता एकाग्रता का विकास होता है। ताड़ासन शरीर में खिंचाव पैदा करता है जिससे मांसपेशियां, पैर और कूल्हे की हड्डियां मजबूत होती हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह बच्चों की लंबाई बढ़ाने में मदद करता है। और यह बच्चे की हाइट बढ़ाने में भी मदद करता है। यह आसन श्वसन प्रणाली को बेहतर बनाता है और बच्चे में मानसिक तनाव भी कम करता है।

धनुरासन

यह योगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और शरीर को लचीला बनाता है। धनुरासन पेट के अंगों को सक्रिय करता है, जिसका लाभ कब्ज की शिकायत दूर होकर दिखाई देता है। इसके अलावा यह हमें अपच की समस्या से भी राहत दिलाता है। यह मांसपेशियों को आराम देने के अलावा ब्लड फ्लो को भी बेहतर बनाता है। धनुरासन तनाव और चिंता को कम करके बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखता है। यह मोटापे से पीड़ित लोगों को स्वस्थ रहने में काफी हद तक मदद करता है।

चक्रासन

व्हील पोज के नाम से जाना जाने वाला यह आसन न सिर्फ हमारे हाथों और पैरों के दर्द से राहत दिलाता है बल्कि उन्हें मजबूत भी बनाता है। इससे कंधों और पूरी रीढ़ की हड्डी का तनाव दूर होता है और ऐसा करने से हमारी छाती भी ठीक से खुल पाती है। इससे फेफड़ों को फायदा होने के साथ-साथ हमारा श्वसन तंत्र भी बेहतर होता है।

वृक्षासन

यदि बच्चे नियमित रूप से इस योग आसन का अभ्यास करते हैं तो यह पैरों में संतुलन और स्थिरता बनाने में मदद करता है। यह योगासन पैरों और बाजुओं की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है, जिससे बच्चों की लंबाई बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इस योगासन से हमारे मानसिक स्वास्थ्य को भी लाभ मिलता है।

भुजंगासन

इस योग को करने से शरीर लचीला बनता है, खासकर कमर की मांसपेशियों का लचीलापन बढ़ता है। अगर कमर में अकड़न है तो इससे काफी हद तक राहत मिलती है। भुजंगासन गैस, अपच और कब्ज जैसी पेट की समस्याओं से भी राहत दिलाता है।

इन योगों के अलावा आप अपने बच्चों में प्राणायाम की आदत भी डाल सकते हैं जो न सिर्फ उन्हें शारीरिक रूप से मजबूत बनाता है बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ बनाता है। अगर बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी कोई समस्या है तो योग करने से पहले डॉक्टर या योग गुरु से सलाह जरूर लें।

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