Online Shopping: आज के डिजिटल दौर में ऑनलाइन शॉपिंग जितनी आसान हो गई है, उतनी ही खतरनाक भी होती जा रही है। खासकर सेल और भारी डिस्काउंट के लालच में लोग अक्सर ऐसी फर्जी वेबसाइट्स के जाल में फंस जाते हैं, जो बिल्कुल असली ई-कॉमर्स साइट जैसी दिखती हैं।
कैसे काम करता है यह फ्रॉड?
साइबर ठग नकली वेबसाइट बनाते हैं, जो दिखने में बिल्कुल असली ब्रांड या बड़ी कंपनियों जैसी लगती हैं। इन साइट्स पर भारी छूट और “लिमिटेड टाइम ऑफर” दिखाकर ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है। जैसे ही कोई व्यक्ति ऑर्डर करता है और पेमेंट करता है—या तो सामान डिलीवर नहीं होता या नकली/घटिया प्रोडक्ट भेज दिया जाता है। 
ठगी के आम तरीके
•नकली ई-कॉमर्स वेबसाइट बनाना
•सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन चलाना
•WhatsApp/Telegram लिंक भेजकर पेमेंट करवाना
•“एडवांस पेमेंट” के नाम पर पैसे लेना
•फिशिंग ईमेल के जरिए बैंक डिटेल्स चुराना 
ऐसे पहचानें फर्जी वेबसाइट
ऑनलाइन शॉपिंग करते समय इन संकेतों पर जरूर ध्यान दें:
•बहुत ज्यादा सस्ता सामान (70-90% डिस्काउंट)
•वेबसाइट URL में गड़बड़ी या गलत स्पेलिंग
•“https” और सिक्योर लॉक का न होना
•वेबसाइट पर सही कॉन्टैक्ट डिटेल्स का अभाव
•खराब डिजाइन, गलत भाषा या फर्जी रिव्यू 
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे फ्रॉड?
भारत में ऑनलाइन शॉपिंग तेजी से बढ़ी है और इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग या उनके जानने वाले ऐसे स्कैम का शिकार हो चुके हैं। 
कैसे बचें इन ठगों से?
•केवल भरोसेमंद वेबसाइट या ऐप से ही खरीदारी करें
•अनजान लिंक या सोशल मीडिया एड पर क्लिक करने से बचें
•कैश ऑन डिलीवरी (COD) को प्राथमिकता दें
•पेमेंट से पहले वेबसाइट की पूरी जांच करें
•किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत साइबर क्राइम में शिकायत करें
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