Premium Smartphones : कुछ साल पहले तक लगभग हर स्मार्टफोन में microSD कार्ड लगाने का विकल्प मिलता था, जिससे स्टोरेज आसानी से बढ़ाई जा सकती थी। लेकिन अब ज्यादातर प्रीमियम स्मार्टफोन्स में यह स्लॉट नहीं दिया जाता। इसके पीछे केवल डिजाइन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, बेहतर प्रदर्शन और बदलती तकनीक जैसी कई अहम वजहें हैं।
डेटा सिक्योरिटी बनी सबसे बड़ी वजह
इंटरनल स्टोरेज में मौजूद डेटा फोन के लॉक, फिंगरप्रिंट या पासकोड से सुरक्षित रहता है। यदि फोन चोरी हो जाए तो उसे रिमोटली लॉक या डेटा वाइप भी किया जा सकता है। वहीं microSD कार्ड को कोई भी आसानी से निकालकर दूसरे फोन या कंप्यूटर में इस्तेमाल कर सकता है। यदि कार्ड एन्क्रिप्टेड न हो तो उसमें मौजूद फोटो, वीडियो और अन्य फाइलों तक सीधे पहुंचा जा सकता है।
इंटरनल स्टोरेज देती है बेहतर परफॉर्मेंस
फोन की इंटरनल स्टोरेज microSD कार्ड की तुलना में कहीं अधिक तेज होती है। इसकी वजह से ऐप्स तेजी से खुलते हैं, गेम्स स्मूद चलते हैं और बड़ी फाइलों का ट्रांसफर भी कम समय में होता है। अलग-अलग स्पीड वाले मेमोरी कार्ड के कारण सभी डिवाइस पर समान परफॉर्मेंस देना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि एंड्रॉयड के नए वर्जन में ऐप्स को microSD कार्ड पर इंस्टॉल या मूव करने का विकल्प भी लगभग खत्म हो चुका है।
क्लाउड स्टोरेज का बढ़ता इस्तेमाल
5G और हाई-स्पीड इंटरनेट के दौर में लोग Google Drive, Google Photos, iCloud और अन्य क्लाउड सेवाओं का अधिक उपयोग कर रहे हैं। इससे फोन की इंटरनल स्टोरेज खाली रहती है और डेटा किसी भी डिवाइस से एक्सेस किया जा सकता है। साथ ही क्लाउड सेवाएं कंपनियों के लिए सब्सक्रिप्शन के जरिए अतिरिक्त आय का स्रोत भी बन गई हैं।
अब पहले से मिल रही ज्यादा स्टोरेज
पहले स्मार्टफोन्स में 16GB या 32GB स्टोरेज होती थी, इसलिए microSD कार्ड की जरूरत पड़ती थी। अब अधिकांश प्रीमियम स्मार्टफोन 256GB, 512GB, 1TB और यहां तक कि 2TB तक की इंटरनल स्टोरेज के साथ आते हैं। इतनी अधिक क्षमता के कारण अलग से मेमोरी कार्ड की आवश्यकता काफी कम हो गई है।
