NEET 2026 Paper Leak Case Update: नीट-यूजी परीक्षा में धांधली के खिलाफ छात्रों की सबसे मजबूत आवाज उठाने वाले लातूर के चर्चित शिक्षक “एम सर” अब खुद गंभीर आरोपों में घिर गए हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के संस्थापक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को 2026 के नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया है। इस खबर ने कोचिंग इंडस्ट्री और मेडिकल परीक्षा की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों को हैरान कर दिया है।
CBI की कार्रवाई से मचा हड़कंप
CBI ने 17 मई को एम सर को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसी के अनुसार, छापेमारी के दौरान उनके निजी मोबाइल फोन से कथित तौर पर नीट-यूजी परीक्षा का लीक हुआ प्रश्नपत्र मिला है। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।बताया जा रहा है कि जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं। अधिकारियों को शक है कि इस मामले में कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। छात्रों और अभिभावकों के बीच इस गिरफ्तारी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, क्योंकि एम सर की छवि हमेशा एक सख्त और ईमानदार शिक्षक की रही थी।
साधारण परिवार से बनाई बड़ी पहचान
शिवराज मोटेगांवकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बेहद छोटे स्तर से की थी। कहा जाता है कि शुरुआती दिनों में वे साइकिल से गांव-गांव जाकर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे।1990 के दशक के आखिर में उन्होंने किराए के एक छोटे कमरे में केवल 10 छात्रों के साथ RCC कोचिंग संस्थान की शुरुआत की। धीरे-धीरे उनके केमिस्ट्री नोट्स और पढ़ाने के तरीके ने उन्हें लोकप्रिय बना दिया। आज RCC की कई शाखाएं हैं और हर साल हजारों छात्र यहां नीट और जेईई की तैयारी करते हैं।
2024 में बने थे छात्रों के “मसीहा”
साल 2024 में जब नीट परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप सामने आए थे, तब एम सर सोशल Media पर छात्रों की सबसे बुलंद आवाज बनकर उभरे थे। उन्होंने वीडियो जारी कर छात्रों का हौसला बढ़ाया था और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग की थी।उन्होंने छात्रों के समर्थन में कई बयान दिए और कहा था कि मेहनत करने वाले बच्चों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उस समय बड़ी संख्या में छात्र उन्हें अपना मार्गदर्शक और हितैषी मानने लगे थे।
कोर्ट तक पहुंची थी लड़ाई
एम सर ने 2024 में बॉम्बे हाई कोर्ट की औरंगाबाद पीठ में एक जनहित याचिका (PIL) भी दाखिल की थी। उनका उद्देश्य कथित परीक्षा धांधली की निष्पक्ष जांच करवाना था। उनकी इस पहल की काफी सराहना हुई थी।हालांकि अब CBI की गिरफ्तारी के बाद उनकी पुरानी मुहिम और छवि दोनों पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई नए खुलासे हो सकते हैं।
