Shakti Shree App: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के क्रियान्वयन पर एक कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस मौके पर शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और राज्य में नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की।कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में समन्वय बढ़ाना और NEP 2020 के लक्ष्यों जैसे समग्र शिक्षा, कौशल विकास और नवाचार को जमीनी स्तर तक पहुंचाना था।
शिक्षा में बदलाव की दिशा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEP 2020 भारत की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच सहयोग को बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि नीतियों को कागज से कक्षा तक पहुंचाना सबसे अहम है।उन्होंने यह भी कहा कि यह नीति छात्रों को लचीली और बहुविषयक शिक्षा प्रदान करती है, जिससे वे बदलती दुनिया की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। उन्होंने ओडिशा को इस दिशा में एक उदाहरण बनने की क्षमता वाला राज्य बताया।
‘शक्ति श्री’ ऐप से महिलाओं को सशक्तिकरण
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘शक्ति श्री’ ऐप का लॉन्च रहा। यह पहल उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को सहयोग और सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।यह ऐप छात्राओं को सुरक्षा, मार्गदर्शन (मेंटॉरशिप) और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई जारी रख सकें। यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सुरक्षित और सहयोगी कैंपस पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में छात्राओं के लिए सुरक्षित और सहयोगी माहौल बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि ‘शक्ति श्री’ पहल केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानसिक स्वास्थ्य, आत्मरक्षा और मार्गदर्शन जैसे पहलुओं को भी शामिल किया गया है।इस योजना को राज्य के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में लागू किया जाएगा, जहां इसके लिए विशेष तंत्र और निगरानी व्यवस्था बनाई जाएगी।
समावेशी शिक्षा की ओर कदम
यह कार्यक्रम शिक्षा सुधार और सामाजिक सशक्तिकरण को साथ लेकर चलने का एक प्रयास है। NEP 2020 और ‘शक्ति श्री’ जैसी पहलों के जरिए सरकार एक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना चाहती है जो समावेशी, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार हो।अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि ये कदम छात्रों के बेहतर विकास के साथ-साथ समाज में समान अवसर सुनिश्चित करने में भी मदद करेंगे।
