Sonam Wangchuk Protest: बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में खुलकर अपनी बात रखी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की बिगड़ती तबीयत को लेकर उन्होंने चिंता जताई और सरकार की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए अपने वीडियो में सोनाक्षी ने कहा कि अब इस मुद्दे पर चुप रहना उनके लिए संभव नहीं था।
‘हम वांगचुक सर को खोना नहीं चाहते’
वीडियो में भावुक नजर आईं सोनाक्षी ने कहा कि वह आमतौर पर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सार्वजनिक बयान देने से बचती हैं, लेकिन इस बार हालात ऐसे हैं कि वह चुप नहीं रह सकतीं। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक ने देश और छात्रों के भविष्य के लिए काफी काम किया है और उनका योगदान सभी जानते हैं।
उन्होंने कहा, “हम सब उन्हें जानते हैं, लेकिन वह हमें नहीं जानते। उन्होंने देश के बच्चों के भविष्य के लिए कई दिनों से अन्न का एक दाना तक नहीं खाया है। हम उन्हें खोना नहीं चाहते।”
छात्रों के भविष्य के लिए लड़ रहे हैं वांगचुक
सोनाक्षी का कहना है कि वांगचुक अपनी निजी मांगों के लिए नहीं बल्कि देश के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा से जुड़े कथित घोटालों और छात्रों की समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने प्रदर्शन कर रहे युवाओं की भी सराहना करते हुए कहा कि देश का युवा अपने बेहतर भविष्य के लिए आवाज उठा रहा है और उसकी बात सुनी जानी चाहिए।
सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील
अभिनेत्री ने सवाल उठाया कि आखिर सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत क्यों नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में संवाद सबसे जरूरी होता है और बातचीत से ही समाधान निकल सकता है।
सोनाक्षी ने लोगों से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर जागरूक रहें और अपनी आवाज उठाएं ताकि हालात और गंभीर होने से पहले कोई सकारात्मक पहल हो सके।
अनशन का 19वां दिन, स्वास्थ्य पर बढ़ी चिंता
सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन अब 19वें दिन में पहुंच चुका है। उनकी सेहत को लेकर डॉक्टर लगातार चिंता जता रहे हैं। इस बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रशासन को उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सोनाक्षी ने अपने संदेश के अंत में कहा कि देश के लिए काम करने वाले लोगों की आवाज को अनसुना नहीं किया जाना चाहिए और समय रहते सार्थक बातचीत शुरू होनी चाहिए।
