नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए यूपी सरकार ने करीब 30 किलोमीटर लंबे नए एक्सप्रेसवे की योजना पर काम तेज कर दिया है। यह प्रस्तावित कॉरिडोर यमुना पुश्ता रोड के समानांतर विकसित किया जाएगा, जो कालिंदी कुंज बैराज से सेक्टर 94 होते हुए सेक्टर 150 तक जाकर यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
ट्रैफिक दबाव और योजना की आवश्यकता
नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर प्रतिदिन 5 लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं, जो 6-लेन सड़क की क्षमता से कहीं अधिक है। जेवर एयरपोर्ट के अप्रैल 2026 से शुरू होने और कॉर्पोरेट हब के विस्तार से ट्रैफिक दोगुना होने का अनुमान है। नोएडा अथॉरिटी ने नवंबर 2025 में 9 सदस्यीय कमिटी गठित की, जिसने 29 दिसंबर को सर्वे पूरा किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंगलवार (6 जनवरी 2026) की बैठक में प्रस्ताव पर चर्चा हुई। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और YEIDA मिलकर फंडिंग करेंगे।
एक्सप्रेसवे का मार्ग और डिजाइन
यह 30 किमी (कुछ रिपोर्ट्स में 23-32 किमी) लंबा 6-लेन एलिवेटेड कॉरिडोर होगा।
-
शुरुआत: कालिंदी कुंज मेट्रो के पास सेक्टर 94।
-
समाप्ति: सेक्टर 150, जहां से यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा।
-
विशेषताएं: दोनों छोर पर रोटरी, क्लोवरलीफ इंटरचेंज, सेक्टर 128,135,150,151,168 को कनेक्टिविटी।
यमुना बाढ़ क्षेत्र में एलिवेटेड डिजाइन बाढ़ जोखिम कम करेगा। सिंचाई विभाग की NOC मिल चुकी है।
लाभ और प्रभाव
-
ट्रैफिक राहत: यात्रा समय 30-40% घटेगा, जाम कम होगा।
-
आर्थिक उछाल: जेवर एयरपोर्ट से लॉजिस्टिक्स सुधरेगा, रियल एस्टेट बूम।
-
क्षेत्रीय विकास: सेक्टरों को नदी किनारे कनेक्टिविटी, निवेश बढ़ेगा।
NHAI को NH घोषित करने पर विचार, नितिन गडकरी ने समर्थन दिया।
कार्यान्वयन की चुनौतियां
भूमि अधिग्रहण कम (मौजूदा पुश्ता रोड का उपयोग), लेकिन फार्महाउस/अवैध निर्माण हटाने होंगे। UPEIDA निष्पादन करेगा। बोर्ड ने मार्च 2025 में इन-प्रिंसिपल अप्रूवल दिया। यह एक्सप्रेसवे NCR की कनेक्टिविटी मजबूत करेगा। 2026 तक निर्माण शुरू होने की उम्मीद।
