Lucknow Cyber Fraud: उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘साइबर वज्र’ अभियान के तहत लखनऊ क्राइम ब्रांच ने राजधानी में एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सुशांत गोल्फ सिटी स्थित ओमैक्स रेजिडेंसी में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर देर रात छापेमारी कर पुलिस ने दो मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कॉल सेंटर में काम कर रहे करीब 12 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
देर रात कई फ्लैटों में हुई छापेमारी
एडीसीपी क्राइम किरण यादव के नेतृत्व में गुरुवार और शुक्रवार की दरम्यानी रात पुलिस की कई टीमों ने ओमैक्स रेजिडेंसी में एक साथ छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां कुछ फ्लैटों से विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी की जा रही है। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, आईडी कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए, जिनका इस्तेमाल कथित रूप से साइबर अपराध में किया जा रहा था।
‘ओपनर’ और ‘क्लोजर’ मॉडल से होती थी ठगी
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरोह संगठित तरीके से ‘ओपनर’ और ‘क्लोजर’ मॉडल पर काम करता था। ‘ओपनर’ खुद को किसी प्रतिष्ठित कंपनी का कस्टमर सपोर्ट कर्मचारी बताकर विदेशी नागरिकों से संपर्क करता था। इसके बाद कॉल ‘क्लोजर’ को ट्रांसफर की जाती थी, जो तकनीकी सहायता, बैंकिंग सेवाओं या अन्य बहानों से लोगों को झांसे में लेकर ठगी को अंजाम देता था।
दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में पुनीत वर्मा और देवेंद्र पटेल को गिरोह का मुख्य संचालक बताते हुए गिरफ्तार किया है। हिरासत में लिए गए अन्य कर्मचारियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके तार देश-विदेश के किन लोगों से जुड़े हैं।
समिट बिल्डिंग के बाद दूसरी बड़ी कार्रवाई
हाल के दिनों में राजधानी में साइबर अपराध के खिलाफ यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले समिट बिल्डिंग में चल रहे फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए पुलिस ने 119 साइबर जालसाजों को गिरफ्तार किया था। अब ओमैक्स रेजिडेंसी में हुई कार्रवाई के बाद पूरे नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
