Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार सुबह एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में छह लोगों की जान चली गई, जबकि 22 यात्री घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।बताया जा रहा है कि Shri Saroj Travels की स्लीपर बस में करीब 45 यात्री सफर कर रहे थे। सुबह लगभग छह बजे अधिकतर यात्री गहरी नींद में थे। उसी दौरान चालक को झपकी आ गई, जिससे बस औरास क्षेत्र के निंभाखेड़ा के पास अंडरपास के कंक्रीट डिवाइडर से टकरा गई।
डिवाइडर से टकराकर पलटी बस
टक्कर इतनी तेज थी कि बस का संतुलन बिगड़ गया। बस एल्यूमिनियम गार्ड रेल तोड़ते हुए भारी वाहनों वाली लेन में पलट गई। बस पलटते ही अंदर बैठे यात्री सीटों से उछलकर एक-दूसरे पर गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।करीब 10 मिनट बाद यूपीडा और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
दारोगा और कैदी की भी गई जान
हादसे में बिहार के सिवान निवासी दारोगा रविचरण और हरियाणा निवासी कैदी छत्रपाल तोमर की मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक दारोगा कैदी को बयान दर्ज कराने दिल्ली लेकर गए थे और वापस लौट रहे थे। उनके साथ मौजूद एक सिपाही घायल हो गया। इसके अलावा गोरखपुर निवासी सुरेश जायसवाल, विजेशी गुप्ता और विजय कुमार की भी जान चली गई। एक अन्य मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी पहचान करने की कोशिश कर रही है।
कई यात्री गंभीर रूप से घायल
हादसे में घायल यात्रियों में बिहार, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, महाराजगंज और दिल्ली के लोग शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। 21 यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए King George’s Medical University रेफर किया गया है।
एक घंटे तक बाधित रहा ट्रैफिक
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे की दोनों लेन पर लंबा जाम लग गया। भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही करीब एक घंटे तक प्रभावित रही। बाद में क्रेन की मदद से बस को हटाया गया और रास्ता साफ कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही डीएम घनश्याम मीना और एसपी जयप्रकाश सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस अब हादसे की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में चालक को आई झपकी को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है।
लगातार बढ़ रहे सड़क हादसे
यह हादसा एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा में चालक की थकान और लापरवाही पर सवाल खड़े कर रहा है। एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और नींद की वजह से पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं। प्रशासन यात्रियों से सतर्क रहने और रात के सफर में सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है।
