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UP Crime: स्पा और ब्यूटी पार्लर की आड़ में कथित हनी ट्रैप, SHO की मौत के बाद खुला ब्लैकमेलिंग का राज

UP Honey Trap Case: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में एक पुलिस अधिकारी की मौत के बाद सामने आया कथित हनी ट्रैप और ब्लैकमेलिंग का मामला चर्चा में है। पुलिस जांच के मुताबिक, स्पा और ब्यूटी पार्लर से जुड़े नेटवर्क के जरिए अधिकारियों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को कथित तौर पर निशाना बनाया जाता था। पुलिस ने मामले में प्रियंका चौधरी नाम की महिला को गिरफ्तार किया है। जांच में उसके पिता रामनयन सिंह और वकील विजय प्रकाश यादव की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया है।

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इस मामले का संबंध वाल्टरगंज थाने के तत्कालीन एसएचओ सूर्य प्रकाश सिंह की मौत से भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, अधिकारी ने अपने सरकारी आवास में फंदे से लटककर जान दे दी थी। मौत से पहले उनके व्हाट्सऐप स्टेटस पर सुकून और प्यार को दौलत से ज्यादा अहम बताने वाला संदेश लिखा गया था।

स्पा और ब्यूटी पार्लर से लोगों से संपर्क का आरोप

पुलिस पूछताछ और सर्विलांस से सामने आई जानकारी के अनुसार, 32 वर्षीय प्रियंका चौधरी पिछले कई वर्षों से पति से अलग रह रही थी। वह मुंबई में अलग-अलग ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों से जुड़ी रही। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान वह कुछ संपन्न लोगों और अधिकारियों से संपर्क बनाती थी।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, बातचीत आगे बढ़ने के बाद व्हाट्सऐप और वीडियो कॉल के जरिए लोगों से निजी बातचीत की जाती थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ निजी चैट और वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे, जिनका इस्तेमाल बाद में कथित तौर पर ब्लैकमेलिंग के लिए किया जाता था।

वीडियो वायरल करने की धमकी देने का आरोप

पुलिस के अनुसार, कथित गैंग लोगों को निजी वीडियो या बातचीत सार्वजनिक करने की धमकी देकर पैसे मांगता था। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि प्रियंका वीडियो कॉल के दौरान खुद को नुकसान पहुंचाने का नाटक कर सामने वाले व्यक्ति पर दबाव बनाती थी।

जांच में पुलिस ने उसके पिता रामनयन सिंह और वकील विजय प्रकाश यादव को भी मामले से जुड़ा बताया है। पुलिस का आरोप है कि वकील की भूमिका कथित तौर पर पैसों की वसूली और उन्हें संभालने में थी।

पुलिस ने मोबाइल और बोलेरो बरामद की

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एक बोलेरो और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क ने कितने लोगों को निशाना बनाया और उनसे कितनी रकम वसूली गई।

पुलिस के मुताबिक, जांच में कई लोगों के साथ ब्लैकमेलिंग किए जाने के संकेत मिले हैं। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों की पुष्टि जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।

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