उत्तर प्रदेश में हरित आवरण बढ़ाने के लिए रविवार को राज्यव्यापी ‘महा वृक्षारोपण 2026’ अभियान का शुभारंभ हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर से इस मेगा अभियान की शुरुआत की। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
इस वर्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और हरित उत्तर प्रदेश बनाने का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि एक पौधा आने वाली पीढ़ियों को छाया, शुद्ध ऑक्सीजन और बेहतर पर्यावरण प्रदान करेगा। उन्होंने सभी नागरिकों से कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया।
गोरखपुर को मिली नई सौगात
अभियान के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में ‘पवित्र त्रिवेणी पौधरोपण विकास उद्यान’ की आधारशिला भी रखी। इसके साथ ही किसानों की पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से कई नई पहलों की शुरुआत की गई।
विभागों को मिला पौधारोपण का लक्ष्य
35 करोड़ पौधों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग 15 करोड़ से अधिक पौधे लगाएगा। ग्रामीण विकास विभाग को 10 करोड़, कृषि विभाग को 3.25 करोड़, उद्यान विभाग को 1.50 करोड़, पंचायती राज विभाग को 1.22 करोड़ और राजस्व विभाग को 1 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य दिया गया है। वहीं भारतीय रेलवे 12 लाख और रक्षा मंत्रालय 7 लाख पौधे लगाएंगे।
विकास को लेकर विपक्ष पर साधा निशाना
गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले विकास और रोजगार के अवसर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक सीमित थे, लेकिन वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण पूर्वांचल के जिलों में भी निवेश और रोजगार के नए अवसर बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि यदि पहले विकास पर ध्यान दिया गया होता तो युवाओं को रोजगार के लिए पलायन नहीं करना पड़ता।
