UP Panchayat Election 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तारीख को आगे बढ़ाकर अब 22 अप्रैल कर दिया है। पहले यह सूची 15 अप्रैल तक जारी होनी थी, लेकिन तकनीकी और प्रशासनिक काम समय पर पूरा न होने की वजह से इसमें बदलाव किया गया है।इस फैसले के बाद चुनावी तैयारियों में जुटे लोगों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अब चुनाव की समयसीमा को लेकर अनिश्चितता गहराने लगी है।
चुनाव टलने के संकेत, प्रशासनिक तैयारी तेज
सूची प्रकाशन में देरी के चलते यह चर्चा तेज हो गई है कि इस बार पंचायत चुनाव आगे खिसक सकते हैं। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात को देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि समय पर चुनाव कराना मुश्किल हो सकता है।अगर चुनाव टलते हैं तो पंचायतों में अस्थायी रूप से प्रशासक नियुक्त किए जाने की स्थिति बन सकती है, जिससे स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
12.69 करोड़ मतदाता, बढ़ी संख्या ने बढ़ाई प्रक्रिया
अनंतिम मतदाता सूची में करीब 12.69 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए थे, जो पिछले चुनाव की तुलना में लगभग 40 लाख ज्यादा हैं। इस बढ़ोतरी के बाद दावे और आपत्तियों की बड़ी संख्या सामने आई, जिनका निस्तारण आयोग ने सुनवाई के बाद किया।अब अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद ही वास्तविक मतदाता संख्या और अंतिम आंकड़े साफ हो पाएंगे।
पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी अधर में
चुनाव प्रक्रिया को लेकर एक और बड़ा मुद्दा सामने आया है। अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं हो सका है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने जा रहा है, जिससे समय पर चुनाव न होने की स्थिति में प्रशासनिक बदलाव तय माना जा रहा है।
प्रधानों की मांग समय पर हों चुनाव
उधर अयोध्या में अखिल भारतीय प्रधान संगठन की बैठक में पंचायत चुनाव को समय पर कराने की मांग उठाई गई। प्रधानों ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव तय समय पर होना जरूरी है।साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि यदि किसी कारणवश चुनाव नहीं हो पाते हैं तो मौजूदा प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाए या फिर उन्हें प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी दी जाए। पंचायत चुनाव की तारीखों में बदलाव ने राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ा दी है। अब सभी की नजर 22 अप्रैल को होने वाले अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन पर टिकी है।
