Uttrakhand News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के पंचरुखी स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई। यहां स्मार्ट मीटर के कारण बिना बिल आए ही अस्पताल की बिजली काट दी गई, जिससे मरीजों को पूरे दिन भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।सुबह जब मरीज इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो वहां बिजली नहीं थी। इस वजह से न केवल सामान्य सेवाएं प्रभावित हुईं, बल्कि कई जरूरी जांच भी रुक गईं। मरीजों और उनके परिजनों में इस स्थिति को लेकर काफी नाराजगी देखी गई।
स्मार्ट मीटर बना परेशानी की वजह
अस्पताल में लगे स्मार्ट मीटर की वजह से यह समस्या पैदा हुई। जानकारी के मुताबिक, बिजली विभाग ने बिल भुगतान न होने पर सप्लाई ऑटोमेटिक तरीके से काट दी। लेकिन हैरानी की बात यह रही कि अस्पताल प्रशासन को न तो कोई बिल मिला था और न ही भुगतान से जुड़ा कोई संदेश।जब अस्पताल प्रशासन ने इस बारे में विभाग को सूचना दी, तो मौके पर पहुंचे कर्मचारियों ने जांच की। जांच में पाया गया कि मीटर तक बिजली आ रही थी, लेकिन आगे सप्लाई बंद थी। बाद में स्पष्ट हुआ कि स्मार्ट मीटर रिचार्ज न होने के कारण बिजली कट गई।
टेस्ट और एक्सरे सेवाएं ठप
बिजली न होने का सबसे ज्यादा असर मरीजों की जांच सेवाओं पर पड़ा। डॉक्टरों ने किसी तरह मरीजों की सामान्य जांच तो की,लेकिन लैब टेस्ट और एक्सरे जैसी सुविधाएं पूरी तरह ठप रहीं।कई मरीज सुबह से ही अस्पताल में बैठे रहे, लेकिन बिना जांच के उन्हें लौटना पड़ा। बनूरी, लमलेहड़, टहेहल और आसपास के गांवों से आए लोगों ने बताया कि वे खास तौर पर एक्सरे के लिए आए थे, लेकिन बिजली न होने के कारण उनका काम नहीं हो पाया।
अस्पताल प्रशासन ने जताई नाराजगी
पंचरुखी के चिकित्सा अधिकारी डॉ. संदीप कश्यप ने इस मामले पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में रोजाना 100 से ज्यादा मरीज ओपीडी में आते हैं। ऐसे में बिना सूचना के बिजली कटना गंभीर समस्या है।उन्होंने कहा कि न तो बिजली का बिल मिला और न ही कोई नोटिस दिया गया, जिससे समय पर भुगतान संभव हो पाता। इसके बावजूद डॉक्टरों ने अपनी ओर से पूरी कोशिश की कि मरीजों को कम से कम परेशानी हो।
विभाग ने मानी गलती जल्द बहाली का भरोसा
बिजली विभाग के अधिकारियों ने इस घटना को तकनीकी और लिपिकीय त्रुटि बताया है। उनका कहना है कि सॉफ्टवेयर में हुई गलती के कारण यह समस्या सामने आई।विभाग ने आश्वासन दिया है कि शिमला कार्यालय को सूचना भेज दी गई है और जल्द ही बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि स्मार्ट मीटर की नई प्रणाली में शुरुआती दौर में इस तरह की दिक्कतें सामने आ सकती हैं, जिन्हें जल्द ठीक किया जाएगा।
सवालों के घेरे में स्मार्ट सिस्टम
इस घटना के बाद स्मार्ट मीटर प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। जहां एक ओर इसे आधुनिक और सुविधाजनक बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं इसकी खामियों को उजागर कर रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर अस्पताल जैसे जरूरी संस्थानों के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि विभाग इस समस्या का स्थायी समाधान कैसे करता है।
