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Wednesday, May 22, 2024
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भाजपा नेता की मांग श्रीरामचरित मानस श्रीमद् भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करें सरकार

अगर 2024 का चुनाव जितना है तो रामचरित्र मानस और श्रीमद् भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर संवैधानिक दर्जा दिया जाए। ये हम नहीं कह रहे हैं बल्कि ये भाजपा के नेता कर रहे हैं। दरअसल पटना के इनकम टैक्स चौराहे पर भाजपा नेता ने एक पोस्टर लगाया है। जिसके बाद रामचरित्र मानस पर फिर से विवाद खड़ा हो सकता है। रामचरित्र मानस पर बिहार के शिक्षा मंत्री प्रोफेसर चंद्रशेखर के बायन के बाद बिहार से लेकर पूरे देश में राजनीतिक बहस छिड़ गई थी। अब भाजपा नेता की ओर से लगाया गया इस तरह का पोस्टर देश की राजनीतिक माहौल में गर्मी ला सकता है।

भाजपा नेता ने बीजेपी को भी बताया है कि 2024 की लड़ाई जितनी है तो श्रीरामचरित मानस और श्रीमद् भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करें सरकार। भाजपा नेता ने पोस्टर में थाईलैंड का उदाहरण दिया है। पोस्टर में लिखा गया है कि थाईलैंड जैसे देश में जहां सनातनी हिंदुओं की आबादी भारत से काफी कम है। वहां श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित किया गया है। जबकी भारत जैसे देश जिसे देवों की भूमि कहा गया हैष वहां श्रीरामचरित मानस को राष्ट्रीय ग्रंथ नहीं घोषित किया गया जो शर्मशार करता है।

कुछ अधर्मियों ने अपनी राजनीतिक रोटी सेकने के लिए श्रीरामचरित मानस जैसे पवित्र ग्रंथ की निंदा कर सनातन मुल्यों सो भारतीय समाज को अलग कर हिंदुत्व को कमजोर कर रहे हैं। ऐसे विधिर्मियों के कुत्सित प्रयासों पर तभी रोक लग सकता है जब श्रीरामचरित मानस और श्रीमद् भागवत गीता को राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित कर संवैधानिक दर्जा दिया जाए।

विरोधी होंगे जेल के अंदर!

साफ है कि पोस्टर के जरिए भाजपा नेता अपने विपक्षी पार्टी पर निशाना साध रहे हैं और हिंदुत्व की राजनीति और सनातन को मजबूत करने की बात कह रहे हैं। साथ ही यह भी साफ-साफ कह रहे हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव में हिंदुत्व मुख्य ऐजेंडे में शामिल होगा।

भाजपा नेता ने पोस्टर में उदय स्टालिन, स्वामी प्रसाद मौर्य और डॉ. चंद्र शेखर की जेल में बंद की तस्वीर भी लगाई गई है। विपक्षी पार्टी के ये लो नेता हैं जिन्होने हिंदुत्व और श्रीरामचरित मानस को लेकर काफी जहर उगला था।

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