बेटी के फैसले से टूट गए पिता
मामला असम के सिलचर का है। रिपोर्ट के मुताबिक, बिनय शर्मा नाम के व्यक्ति की बेटी वैशाली शर्मा ने इस्लाम धर्म अपनाने के बाद इतखोला इलाके के एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी कर ली। जब यह बात परिवार को पता चली तो उन्हें गहरा सदमा लगा।
इसके बाद बिनय शर्मा सिलचर के पंचानन शिव बाड़ी पहुंचे। वहां पुजारी की मौजूदगी में उन्होंने बेटी की तस्वीर पर सफेद फूलों की माला चढ़ाई और अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्में निभाईं। इस दौरान पिंडदान भी किया गया। पिता का कहना है कि उनके लिए बेटी अब जीवित नहीं है। उन्होंने यह कदम अपनी भावनात्मक पीड़ा और मानसिक आघात के चलते उठाया।
12 साल पहले राजस्थान में हुई थी पहली शादी
बिनय शर्मा के मुताबिक, करीब 12 साल पहले वैशाली की शादी राजस्थान के एक ब्राह्मण परिवार में हुई थी। इस शादी से उनके दो बच्चे हैं, एक बेटा और एक बेटी। शुरुआत में सबकुछ ठीक था, लेकिन धीरे-धीरे पति-पत्नी के बीच अनबन बढ़ने लगी।
बाद में वैशाली अपने बच्चों के साथ सिलचर लौट आई और ससुराल वापस जाने से इनकार कर दिया। पिता का दावा है कि पहले पति ने रिश्ता बचाने की पूरी कोशिश की थी। वह राजस्थान की संपत्ति छोड़कर वैशाली के साथ सिलचर में रहने तक के लिए तैयार था, लेकिन दोनों के बीच सुलह नहीं हो पाई।
बच्चों को छोड़कर बेंगलुरु चली गई थी वैशाली
पिता ने बताया कि वैशाली का एक शादीशुदा मुस्लिम व्यक्ति के साथ रिश्ता था। उन्होंने आरोप लगाया कि वैशाली कई बार बिना बताए घर से चली जाती थी। करीब पांच-छह साल पहले वह परिवार को बिना जानकारी दिए बेंगलुरु चली गई और अपने दोनों बच्चों को परिवार के पास छोड़ गई।
बिनय के मुताबिक, इसके बाद बेटी का अपने माता-पिता से बातचीत करना भी काफी कम हो गया था। हालांकि, ये बातें पिता की ओर से लगाए गए आरोप हैं।
धर्म परिवर्तन की खबर सुनकर उठाया यह कदम
रिपोर्ट के अनुसार, परिवार को बुधवार को पता चला कि वैशाली सिलचर लौट आई है और उसने मुस्लिम युवक से शादी करने से पहले इस्लाम धर्म अपना लिया है। इस खबर ने परिवार को झकझोर दिया। इसके बाद बिनय शर्मा ने बजरंग दल के सदस्यों से संपर्क किया और बेटी के लिए अंतिम संस्कार की रस्में निभाने का फैसला किया।
