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बरगी डैम क्रूज हादसा: पायलट का दर्द “कुछ कर नहीं सका, सब खत्म हो गया”

Jabalpur Boat Accident: जबलपुर के बरगी डैम हादसे के बाद क्रूज चला रहे पायलट महेश पटेल गहरे सदमे में हैं। उनका कहना है, “दो रात बीत चुकी हैं, आज तीसरा दिन है, लेकिन मैं अब तक खाना नहीं खा पाया हूं। मेरे सामने वही सीन बार-बार घूमता रहता है और मैं कुछ नहीं कर सका।”उन्होंने भावुक होकर कहा कि उस वक्त उन्होंने अपनी पूरी ताकत लगाई, लेकिन प्रकृति के सामने वह बेबस हो गए। “मैंने सोचा किसी तरह बोट को किनारे ले जाऊं, लेकिन तूफान के आगे कुछ भी संभव नहीं हो सका,”।

कैसे हुआ हादसा

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यह दर्दनाक घटना गुरुवार की शाम करीब साढ़े चार बजे हुई, जब बरगी डैम में करीब 40 यात्रियों को लेकर क्रूज सैर पर निकला था। मौसम विभाग ने पहले ही तूफान और खराब मौसम की चेतावनी जारी कर दी थी, इसके बावजूद क्रूज का संचालन जारी रहा।जैसे ही क्रूज पानी में आगे बढ़ा, अचानक मौसम बिगड़ गया और तेज हवाओं के कारण स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

बिना लाइफ जैकेट मची लापरवाही

महेश पटेल ने बताया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई थी, लेकिन कई लोग उसे पहनने की बजाय नीचे डेक पर डांस कर रहे थे। “मैंने कई बार कहा कि लाइफ जैकेट पहन लें, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया,” उन्होंने कहा।जिला प्रशासन के अनुसार, कुछ यात्री ऊपर की ओर भागे, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद नाव एक तरफ झुक गई और नीचे पानी भरने लगा।

कुछ ही मिनटों में पलटी जिंदगी

स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि कुछ ही मिनटों में क्रूज डूबने लगा। नीचे बैठे यात्री फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।राहत और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस हादसे में 9 लोगों की जान चली गई, जिनमें एक 4 साल का बच्चा भी शामिल था।जिला कलेक्टर के मुताबिक, यात्रियों की लापरवाही और अचानक आए तूफान ने मिलकर यह बड़ा हादसा पैदा किया। फिलहाल मामले की जांच जारी है और सुरक्षा नियमों की समीक्षा की जा रही है।

 

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