Shiv Ratan Agarwal Passes Away: बीकानेर के सार्दुलगंज की तंग गलियों से निकलकर दुनिया भर में स्वाद का परचम लहराने वाले Shiv Ratan Agarwal (फन्ना बाबू) अब हमारे बीच नहीं रहे। चेन्नई के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से न सिर्फ बीकानेर, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर है। जिन हाथों ने भुजिया को एक पहचान दी, आज वही हाथ हमेशा के लिए थम गए।
हल्दीराम से अलग होकर खुद की पहचान बनाई
साल 1986 उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब उन्होंने Haldiram से अलग होने का कठिन फैसला लिया। परिवारिक कारोबार से दूर होना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने जोखिम उठाया। 1993 में उन्होंने बीकानेर के संस्थापक Rao Bika के नाम पर Bikaji Foods International की नींव रखी। उस समय जब भुजिया हाथ से बनता था, उन्होंने मशीनों का इस्तेमाल शुरू कर एक नई दिशा दी।
आठवीं पास, लेकिन मैनेजमेंट में माहिर
शिवरतन अग्रवाल सिर्फ आठवीं तक पढ़े थे, लेकिन उनके काम करने का तरीका किसी प्रोफेशनल मैनेजमेंट एक्सपर्ट से कम नहीं था। उन्होंने हमेशा अनुशासन और गुणवत्ता पर जोर दिया। साल 2019 में जब Amitabh Bachchan को ब्रांड एंबेसडर बनाया गया, तो हर कोई हैरान रह गया। वहीं 2022 में कंपनी का IPO लॉन्च कर उन्होंने यह साबित किया कि छोटे शहर से निकला एक उद्यमी भी बड़े सपने सच कर सकता है।
बीकानेर से चेन्नई तक शोक की लहर
बताया जा रहा है कि वे अपनी पत्नी के इलाज के लिए चेन्नई में थे। अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीकानेर के सार्दुलगंज स्थित उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
विरासत जो हमेशा जिंदा रहेगी
फन्ना बाबू अपने पीछे सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि एक सोच छोड़ गए हैं—कि अगर हौसला हो, तो छोटी जगह से निकलकर भी दुनिया जीती जा सकती है। उनकी कहानी हर उस युवा के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को सच करना चाहता है।
