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सीएम योगी का टीएमसी पर तीखा वार, दुर्गा पूजा में बाधा के आरोप से बंगाल की सियासत गरम

Political Controversy: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में धार्मिक भावनाओं को लेकर भेदभाव किया जा रहा है और हिंदू त्योहारों को लेकर बाधाएं पैदा की जा रही हैं। उनके बयान ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।

“राम भक्तों पर अत्याचार” का आरोप

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि टीएमसी शासन के दौरान राम भक्तों को कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार, यह स्थिति चिंता का विषय है और यह दिखाता है कि धार्मिक आस्था के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा।उन्होंने यह भी दावा किया कि लोगों को अपनी धार्मिक आस्था के अनुसार पूजा-पाठ और गतिविधियाँ करने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए, लेकिन पश्चिम बंगाल में ऐसा माहौल नहीं दिखता है।

दुर्गा पूजा पर रोक के आरोप

योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में दुर्गा पूजा जैसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक त्योहारों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण कई बार दुर्गा पूजा के आयोजन में मुश्किलें आती हैं।उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि बंगाल की संस्कृति और पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में इसे समर्थन मिलना चाहिए, न कि किसी तरह की रुकावट।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल पहले से ही काफी गर्म है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और टीएमसी के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है।सीएम योगी ने इससे पहले भी टीएमसी सरकार पर कानून-व्यवस्था, प्रशासन और “तुष्टिकरण की राजनीति” को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि राज्य में सभी समुदायों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

टीएमसी की प्रतिक्रिया का इंतजार

इन आरोपों पर अभी तक टीएमसी की ओर से कोई विस्तृत और आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, पहले भी पार्टी ऐसे बयानों को राजनीतिक प्रेरित बताकर खारिज करती रही है।टीएमसी का कहना रहा है कि राज्य में सभी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाए जाते हैं और सरकार सभी धर्मों का सम्मान करती है।जैसे-जैसे चुनावी माहौल आगे बढ़ रहा है, राजनीतिक बयानबाजी और तेज होती जा रही है। ऐसे में जनता के बीच इन आरोपों और जवाबों की चर्चा भी बढ़ती जा रही है।

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