PM Ujjwala Yojana: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने योजना के तहत मिलने वाले सब्सिडी वाले LPG सिलेंडरों की संख्या 9 से घटाकर 4 प्रति वर्ष कर दी है। इस फैसले का असर देशभर के करोड़ों गरीब परिवारों पर पड़ेगा, जो रसोई गैस के लिए उज्ज्वला योजना पर निर्भर हैं।
सरकार के अनुसार यह निर्णय लाभार्थियों की औसत गैस खपत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश उज्ज्वला परिवार सालभर में सीमित संख्या में ही सिलेंडर का उपयोग करते हैं, इसलिए सब्सिडी व्यवस्था को उसी के अनुरूप संशोधित किया गया है।
उज्ज्वला योजना की शुरुआत मई 2016 में गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त LPG कनेक्शन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। शुरुआत में लाभार्थियों को 12 सिलेंडरों पर सब्सिडी मिलती थी। वर्ष 2025 में इस सीमा को घटाकर 9 सिलेंडर किया गया था और अब इसे और कम करके 4 सिलेंडर प्रति वर्ष कर दिया गया है।
हालांकि सरकार ने प्रति सिलेंडर 300 रुपये की सब्सिडी जारी रखने का फैसला बरकरार रखा है। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती रहेगी, लेकिन अब यह सुविधा केवल चार रीफिल तक सीमित होगी।
इस बदलाव से उन परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है जो साल में चार से अधिक सिलेंडरों का उपयोग करते हैं। ऐसे परिवारों को अतिरिक्त रीफिल बाजार मूल्य पर खरीदने होंगे। वहीं सरकार का तर्क है कि बढ़ती वैश्विक LPG कीमतों और सब्सिडी के वित्तीय दबाव को देखते हुए यह कदम आवश्यक था।
उधर, इस फैसले के बाद विभिन्न राज्यों में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज होने की संभावना है। विपक्षी दल इसे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ बताकर सरकार को घेर सकते हैं, जबकि सर