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सरकार ने लिया बड़ा फैसला: अचानक बंद हुआ मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम,जानें क्या है इसके पीछे की पूरी कहानी

Mobile Emergency Alert System: आजकल मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का साधन नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों तक जरूरी सूचनाएं पहुंचाने का सबसे तेज माध्यम भी बन चुका है। पिछले कुछ महीनों में कई लोगों के फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ इमरजेंसी अलर्ट संदेश आए थे। लेकिन अब यह सेवा फिलहाल के लिए बंद कर दी गई है। आइए जानते हैं इसके पीछे की वजह क्या है।

क्या था यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम?

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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा शुरू किया गया यह सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम लोगों को प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के बारे में तुरंत जानकारी देने के लिए बनाया गया था।

इस सिस्टम की सबसे खास बात यह थी कि अलर्ट आने पर मोबाइल में तेज आवाज वाला अलार्म बजता था और स्क्रीन पर एक पॉप-अप संदेश दिखाई देता था। इसका उद्देश्य लोगों का ध्यान तुरंत आकर्षित करना था ताकि वे समय रहते सावधानी बरत सकें।

बिना इंटरनेट भी करता है काम

यह तकनीक C-DOT और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित की गई है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे काम करने के लिए इंटरनेट या मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं पड़ती।

सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक की मदद से किसी विशेष इलाके के लाखों मोबाइल फोन पर एक साथ संदेश भेजा जा सकता है। यही वजह है कि आपदा या संकट की स्थिति में यह सिस्टम बेहद उपयोगी माना जाता है।

आखिर क्यों रोकी गई सेवा?

सरकार की ओर से अभी तक इस सेवा को रोकने का कोई विस्तृत आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। हालांकि जानकारों का मानना है कि सिस्टम की तकनीकी समीक्षा और सुधार कार्य के चलते इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है।

विशेषज्ञ एजेंसियां फिलहाल यह जांच कर रही हैं कि अलर्ट और भी अधिक सटीक, प्रभावी और भरोसेमंद तरीके से लोगों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। इसी प्रक्रिया के तहत कुछ समय के लिए अलर्ट सेवा रोक दी गई है।

भविष्य में और बेहतर रूप में लौटेगी सेवा

अधिकारियों के अनुसार यह कोई स्थायी बंदी नहीं है। समीक्षा और तकनीकी सुधार पूरे होने के बाद यह सेवा फिर से शुरू की जाएगी। उम्मीद है कि नए अपडेट्स के साथ यह सिस्टम पहले से ज्यादा प्रभावी और सटीक होगा।

ऐसे में नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह कदम केवल तकनीकी सुधार के लिए उठाया गया है ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति के दौरान लोगों तक सही और समय पर जानकारी पहुंचाई जा सके।

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