Trending News: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करके दी। इस पोस्ट में उन्होंने अपने फैसले की वजह भी बताई और कहा कि वह पिछले चार दशकों से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा सुधारों के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उन्हें देश सेवा का मौका दिया।
छात्रों के लिए धर्मेंद्र प्रधान का संदेश
अपने इस्तीफे के संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने देश के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने लिखा, “मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 40 सालों से ज्यादा समय से छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा में सुधार के लिए काम कर रहा हूं। मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि एक मजबूत, सबके लिए खुली और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही एक ताकतवर देश की नींव होती है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं देश के युवाओं की उम्मीदों, उनकी भावनाओं और उनके उचित अधिकारों का पूरा सम्मान करता हूं। भारत की नई पीढ़ी के सपनों को पूरा करना हम सभी के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का नैतिक लक्ष्य रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश की सेवा करने का जो अवसर मुझे मिला, उसके लिए मैं उनका आभारी हूं।”
NEET-UG परीक्षा को लेकर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
अपने इस्तीफे के पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा 2026 का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को हुई इस परीक्षा में कुछ अनियमितताएं सामने आई थीं। इस पर सरकार ने तुरंत ध्यान दिया और जांच CBI को सौंप दी गई। साथ ही, परीक्षा को रद्द कर दिया गया और दोबारा परीक्षा की तारीख घोषित कर दी गई।
उन्होंने यह भी बताया कि अगले साल से इस परीक्षा को कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया गया है। इस दौरान उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता यह थी कि 20 लाख से ज्यादा छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से हो। इसके लिए पूरी सरकारी व्यवस्था को साथ लेकर काम किया गया। इसमें राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने भी अहम भूमिका निभाई। 21 जून 2026 को यह परीक्षा सफलतापूर्वक पूरी हुई।
जिम्मेदारी से कभी पीछे नहीं हटा
धर्मेंद्र प्रधान ने साफ कहा, “पहले दिन से ही मैंने इसकी पूरी जिम्मेदारी ली और कभी इस स्थिति से मुंह नहीं मोड़ा। मेरा संकल्प था कि किसी भी मेधावी छात्र का भविष्य परीक्षा माफिया की वजह से खराब न होने दिया जाए। किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि 16 जुलाई को घोषित NEET-UG के परिणाम संतोषजनक रहे। इसमें गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।
क्या है इस्तीफे की असली वजह?
हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि इस पूरे दौरान कुछ जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की और काम में बाधा डाली। इस बात से वह बहुत दुखी हैं। शायद यही उनके इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने यह साफ कर दिया है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस रास्ते में आने वाली किसी भी रुकावट को स्वीकार नहीं कर सकते।
