Trending News: NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर जारी आंदोलन के बीच सोमवार को एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी तीन प्रमुख मांगों वाला लिखित ज्ञापन सौंपा। इस बैठक के बाद संगठन ने बातचीत को सकारात्मक बताया, जबकि सरकार की ओर से अभी अंतिम निर्णय का इंतजार है।
क्या हैं CJP की तीन बड़ी मांगें?
CJP ने सरकार के सामने तीन मुख्य मांगें रखी हैं। पहली मांग सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिना शर्त रिहाई की है। दूसरी मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने या उनका इस्तीफा लेने की है। तीसरी मांग उन परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की है, जिनके बारे में संगठन का दावा है कि NEET-UG 2026 पेपर लीक के बाद छात्रों ने आत्महत्या की।हालांकि, संगठन द्वारा बताए गए आत्महत्या के मामलों की संख्या की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
जेपी नड्डा को सौंपा गया लिखित ज्ञापन
CJP की ओर से प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में NEET-UG 2026 पेपर लीक के अलावा CBSE कक्षा 12 पोर्टल विवाद और CUET परीक्षा में हुई देरी का भी उल्लेख किया गया। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
आंदोलन अभी जारी रहेगा
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन फिलहाल समाप्त नहीं हुआ है। संगठन के अनुसार, 20 जून से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना जारी है। बाद में इस आंदोलन में शिक्षा सुधार और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को लेकर सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। संगठन ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और सरकार के जवाब का इंतजार करने की अपील की है।
जेपी नड्डा ने क्या कहा?
बैठक के बाद जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे मुलाकात कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त कर सामान्य स्थिति बहाल करने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
अमित शाह और धर्मेंद्र प्रधान की बैठक भी चर्चा में
इसी दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच भी लंबी बैठक हुई। हालांकि, इस बैठक में किन विषयों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि सरकार CJP के मांगपत्र पर क्या फैसला लेती है। फिलहाल आंदोलन जारी है और संगठन सरकार के आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।
