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Wednesday, May 22, 2024
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लोन लेने से पहले हमेशा याद रखें ये फॉर्मूला, चुकानी होगी EMI लेकिन कोई टेंशन नहीं, आप बचत भी कर सकते हैं

Loan and EMI: आज के समय में हर चीज खरीदने के लिए कर्ज दिया जाता है। लोन के लिए क्रेडिट स्कोर बहुत महत्वपूर्ण है। अगर क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो बैंक तुरंत लोन दे देता है। कर्ज लेने के बाद कर्ज चुकाना भी जरूरी है। हर महीने EMI के रूप में एक निश्चित राशि का भुगतान किया जाता है। अगर आप लंबी अवधि के लिए लोन लेना चाहते हैं तो आपको ज्यादा ब्याज देना होगा। इस कारण कमाई का हिसाब लगाकर ही लोन लेना चाहिए, ताकि ईएमआई आसानी से चुकाई जा सके।

लागत की गणना करें

हर महीने EMI के रूप में एक निश्चित राशि का भुगतान किया जाता है। जिसके लिए सबसे पहले लागत का आकलन करें। अगर आप किराए के घर में रहते हैं तो किराए का राशन, बच्चों की स्कूल फीस, आपातकालीन काम के लिए एक बजट तैयार करें। फिर आपके पास जो भी पैसा बचा है उसे इकट्ठा करें और एक बजट बनाएं। इसके बाद जो भी रकम बढ़े आप उससे ईएमआई चुका सकते हैं।

आय की तुलना में EMI कितनी होनी चाहिए?

किसी व्यक्ति की कमाई का कितना हिस्सा ईएमआई में जाना चाहिए? आप ऋण से आय (डीटीआई) अनुपात की गणना करके भी ईएमआई राशि का अनुमान लगा सकते हैं। ऋण एवं आय का अनुपात 35 से 40 प्रतिशत होना चाहिए। अगर आपकी कमाई 40 हजार रुपये है तो ईएमआई 14,000 से 16,000 रुपये होनी चाहिए।

बचत को नज़रअंदाज न करें

ईएमआई राशि कम करने के लिए ऋण चुकाने की अवधि नहीं बढ़ाई जानी चाहिए। ऐसा करने से ऋण की लागत बढ़ सकती है और परिणामस्वरूप अधिक ब्याज भुगतान करना पड़ सकता है। EMI तय करते समय बचत को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप पहले से ही SIP में निवेश कर रहे हैं तो इसे बंद नहीं करना चाहिए। यह एक बचत है, जिसे ध्यान में रखते हुए लोन लिया जाए तो ईएमआई आसानी से चुकाई जा सकती है।

लोन लेते समय बचत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर आप बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत कर रहे हैं तो इसे बिल्कुल भी नहीं रोकना चाहिए। इन सभी खर्चों को ध्यान में रखते हुए ईएमआई का भुगतान आसानी से किया जा सकता है। लोन लेने से पहले सभी बैंकों को ब्याज दर की गणना जरूर करनी चाहिए।

यह भी पढ़ें: PERSONAL LOAN लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान, कभी न हों भ्रमित

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