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Tuesday, June 25, 2024
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Income Tax Return: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करते हुए इनकम टैक्स में बदलाव की घोषणा की थी।

Income Tax Return: नई टैक्सेशन व्यवस्था वित्तीय वर्ष 2023-24 से डिफॉल्ट होगी। अब नई टैक्स व्यवस्था के अनुसार 7 लाख रुपये सालाना की इनकम पर टैक्स में छूट मिलती है। नई इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत छूट बढ़ाने के बाद 7 लाख रुपये तक की वार्षिक इनकम वाले टैक्स पेयर्स को टैक्स में 33,800 रुपये की बचत का लाभ होगा।

इनकम टैक्स

नए टैक्स रिजीम में लाभ तो मिलते हैं, लेकिन किसी निवेश की गई रकम पर छूट नहीं मिलती है। वहीं, नए टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन को जरूर शामिल किया जाता है। अगर आप भी निवेश में छूट का लाभ लेना चाहते हैं, तो पुराने टैक्स रिजीम के अनुसार टैक्स भरना होगा। आपको बता दें, पुराने टैक्स रिजीम में कई छूट शामिल हैं, जिनके बारे में हम आपको बताते हैं।

पुरानी टैक्स व्यवस्था के मिलने वाला लाभ

  •  वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन 50000 रुपये है।
  • एनपीएस खाते में निवेश की गई रकम पर धारा 80 सीसीडी (1बी) के तहत 50,000 रुपये तक की छूट का लाभ मिलता है।
  • यह धारा एक व्यक्ति या एक एचयूएफ के लिए बैंक, सहकारी समिति या डाकघर के बचत खाते से ब्याज इनकम पर धारा 80टीटीए के तहत अधिकतम 10,000 रुपये की छूट मिलती है।
  • धारा 80 डी के तहत स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम पर छूट की अनुमति देता है।
  • धारा 80 जी के तहत पात्र ट्रस्टों और धर्मार्थ संस्थाओं को दिया गया दान भी छूट के दायरे में आता है।
  • धारा 80सी के तहत ईपीएफ और पीपीएफ, ईएलएसएस, जीवन बीमा प्रीमियम, गृह ऋण भुगतान, एसएसवाई, एनएससी और एससीएसएस में निवेश करते हैं और छूट का लाभ प्राप्त करते हैं।

टैक्स पेयर्स अगर एक कर्मचारी हैं और नई-पुरानी टैक्स व्यवस्था के बीच चुनाव करने में विफल रहते हैं, तो आपको नए टैक्स रिजीम दरों पर टीडीएस कटेगा। सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्स के एक सर्कुलर से मामला साफ हो गया है, जिसमें कहा गया था कि “यदि कर्मचारी द्वारा सूचना नहीं दी जाती है, तो यह माना जाएगा कि कर्मचारी डिफॉल्ट टैक्स व्यवस्था में बना हुआ है और उसने नई टैक्स व्यवस्था से बाहर निकलने के विकल्प का प्रयोग नहीं किया है, तो ऐसे मामले में नियोक्ता अधिनियम की धारा 115BAC की उप-धारा (lA) के तहत प्रदान की गई दरों के अनुसार, अधिनियम की धारा 192 के तहत आय पर स्रोत पर कर कटौती करेगा।”

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