Minor Rape Case Verdict: मामला 24 सितंबर 2024 का है। अभियोजन के अनुसार, शहर के एक थाना क्षेत्र में रहने वाली नाबालिग बालिका को उसका नाबालिग दोस्त बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। आरोप है कि आरोपी ने उसे करीब तीन से चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता की ओर से 25 सितंबर को शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को निरुद्ध कर किशोर सुधार गृह भेज दिया था।
गंभीर अपराध के चलते वयस्क की तरह हुई सुनवाई
घटना के समय आरोपी की उम्र 17 साल से कम थी। शुरुआत में मामले की कार्रवाई किशोर न्यायालय में हुई। हालांकि, आरोपी की उम्र 16 साल से अधिक और अपराध की गंभीरता को देखते हुए किशोर न्याय बोर्ड ने मामले को वयस्क की तरह सुनवाई के लिए पॉक्सो क्रम संख्या दो न्यायालय में स्थानांतरित कर दिया।
5 फरवरी 2025 से अदालत में मामले की नियमित सुनवाई हुई। गवाहों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास और 6,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सजा के साथ सुधार पर भी जोर
अदालत ने दोषी के मानसिक, शारीरिक, सामाजिक और शैक्षणिक विकास को ध्यान में रखते हुए 21 साल की उम्र तक रोजाना विशेष कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
उसे प्रतिदिन दो घंटे शैक्षणिक या तकनीकी संस्थान में पढ़ाई, दो घंटे पौधारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य तथा एक घंटे बुजुर्गों और मानसिक रूप से दिव्यांग लोगों की सेवा करनी होगी।
वर्तमान में दोषी की उम्र 18 साल 19 दिन बताई गई है। 21 वर्ष की उम्र तक उसे किशोर सुधार गृह में रखा जाएगा, जिसके बाद उसे केंद्रीय कारागार भेजे जाने का प्रावधान है।
