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धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस पर धमाका देख लियारी बोली, फिल्म में हमारा नाम, पैसा भी हमारा हक

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Bollywood  News: रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर द रिवेंज’ ने बॉक्स ऑफिस पर कहर ढा दिया है। कहानी एक्शन और रोमांच ने इसे 1,500 करोड़ रुपये की कमाई तक पहुंचा दिया,और जैसे ही फिल्म की सफलता की खबरें फैलने लगीं, कराची के लियारी इलाके के लोग भी खड़े हो गए अपनी मांग लेकर।वीडियो में लियारी के कुछ लोग सीधे कह रहे हैं। “फिल्म में हमारा नाम और हमारी पृष्ठभूमि इस्तेमाल हुई है, तो हमें इसका हिस्सा मिलना चाहिए।” उनका तर्क है कि अगर फिल्म की कमाई का हिस्सा लियारी को दिया जाए, तो यहां की सड़कें, मेनहोल और बुनियादी ढांचा बेहतर हो सकता है।

लियारी की मांग 500 करोड़ चाहिए हमें

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कुछ लियारीवासियों ने तो साफ कहा कि उन्हें इस फिल्म से 500 करोड़ रुपये चाहिए। वहीं कुछ ने 80 प्रतिशत तक हिस्सा देने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि यह रकम सिर्फ इधर-उधर खर्च नहीं होगी, बल्कि उनके इलाके की जिंदगी बेहतर बनाने में काम आएगी।दिलचस्प बात यह है कि पाकिस्तान में यह फिल्म प्रतिबंधित है। बावजूद इसके लियारी के लोग इसे अपनी पहचान और अधिकार के रूप में देख रहे हैं।

सोशल मीडिया पर हंसी और चर्चा

यह मांग सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। लोग इसे मज़ाक में ले रहे हैं, तो कुछ इसे “संस्कृति और अधिकार का मुद्दा” मान रहे हैं। वीडियो में लियारी के लोग सीधे कैमरे में कहते दिख रहे हैं, “अगर भारत भुगतान करेगा तो हमारी सड़कें सुधर सकती हैं।”यह दिखाता है कि फिल्म की लोकप्रियता सिर्फ थिएटर तक ही सीमित नहीं रहती। कभी-कभी इसकी कहानी और पृष्ठभूमि दूर-दूर तक लोगों के दिल और दिमाग में असर छोड़ देती है।

आगे क्या होगा?

अभी तक निर्माता आदित्य धर या फिल्म की टीम ने लियारी के इस दावे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। न तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया दी है और न ही फिल्म के प्रतिनिधियों ने इस विषय पर बातचीत की है। हालांकि इतना तो तय है कि धुरंधर 2 की सफलता ने सिर्फ भारत या दर्शकों को ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान के कराची के लियारी इलाके तक लोगों को चौंका दिया है।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और लोगों की प्रतिक्रिया ने इसे एक हल्की-फुल्की चर्चा से कहीं आगे बढ़ा दिया है। लोग इसे मजाक में ले रहे हैं, तो कुछ इसे “सांस्कृतिक और आर्थिक हक़ का मामला” भी मान रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक वायरल कहानी बनकर रह जाएगी, या इसके पीछे कोई असली बातचीत और सौदा होगा।

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