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कॉमेडी किंग लक्ष्मीकांत बेर्डे की अनसुनी कहानी, सफलता के बीच बीमारी ने छीन ली जिंदगी

Bollywood News: जब भी बॉलीवुड और मराठी सिनेमा के बेहतरीन कॉमेडी कलाकारों का जिक्र होता है, तो लक्ष्मीकांत बेर्डे का नाम जरूर लिया जाता है। पर्दे पर उनकी शानदार कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों को खूब हंसाया, लेकिन असल जिंदगी में उन्होंने कई मुश्किलों और दुखों का सामना किया। संघर्ष से शुरू हुआ उनका सफर उन्हें स्टारडम तक तो ले गया, लेकिन जिंदगी ने उन्हें ज्यादा समय नहीं दिया।

संघर्ष से शुरू हुआ सफर

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लक्ष्मीकांत बेर्डे का शुरुआती जीवन बेहद साधारण था। आर्थिक तंगी के बीच उन्होंने छोटे-मोटे काम किए और नाटकों में अभिनय से अपनी पहचान बनानी शुरू की। 1980 के दशक में मराठी नाटक ‘टूर-टूर’ और फिल्म ‘धूम धड़ाका’ ने उन्हें नई पहचान दिलाई। अशोक सराफ के साथ उनकी जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई और वे मराठी सिनेमा के कॉमेडी किंग कहलाने लगे।

मैंने प्यार किया’ से मिली देशभर में पहचान

साल 1989 में सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में सलमान खान के नौकर मनोहर का किरदार निभाकर लक्ष्मीकांत बेर्डे पूरे देश में मशहूर हो गए। उनकी कॉमिक टाइमिंग ने फिल्म में अलग ही रंग भर दिया। इसके बाद उन्होंने ‘साजन’, ‘100 डेज’ और ‘हम आपके हैं कौन’ जैसी कई सफल फिल्मों में काम किया और हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बना ली।

निजी जिंदगी में भी आए कई उतार-चढ़ाव

सफल करियर के बावजूद उनकी निजी जिंदगी आसान नहीं रही। उनकी पहली शादी अभिनेत्री रूही बेर्डे से हुई, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए। इसके बाद अभिनेत्री प्रिया अरुण उनके जीवन में आईं। लंबे समय तक साथ रहने के बाद दोनों ने शादी की और उनके दो बच्चे हुए। परिवार के साथ उनका जीवन खुशहाल चल रहा था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

बीमारी ने छीन ली मुस्कान

करियर के सुनहरे दौर में ही लक्ष्मीकांत बेर्डे गंभीर किडनी बीमारी की चपेट में आ गए। उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती गई और उन्हें नियमित डायलिसिस कराना पड़ता था। इलाज के बावजूद उनकी सेहत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार 16 दिसंबर 2004 को महज 50 साल की उम्र में उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

आज भी याद किए जाते हैं

लक्ष्मीकांत बेर्डे भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी फिल्में और शानदार अभिनय आज भी दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान ले आते हैं। उन्होंने यह साबित किया कि असली कलाकार वही होता है, जो अपनी तकलीफों को पीछे छोड़कर लोगों का मनोरंजन करता रहे। उनकी विरासत आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में हमेशा याद रखी जाएगी।

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