Entertainment News: बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। कभी उनके रिश्ते को लेकर चर्चाएं होती हैं तो कभी उनके बयानों को लेकर। इस बार चर्चा का कारण बनी हैं उनकी बेटी टीना आहूजा, जिनके करियर को लेकर सुनीता आहूजा और खुद टीना के पुराने बयान सोशल मीडिया पर फिर वायरल हो रहे हैं।टीना आज अपना 37वां जन्मदिन मना रही हैं। ऐसे में उनके बॉलीवुड सफर को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है कि आखिर वह इंडस्ट्री में लंबी पारी क्यों नहीं खेल सकीं।
सुनीता आहूजा ने क्या कहा था?
एक इंटरव्यू में सुनीता आहूजा ने कहा था कि टीना के करियर पर सबसे ज्यादा असर इस बात का पड़ा कि वह सुपरस्टार गोविंदा की बेटी हैं। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री के कई लोग टीना को एक सामान्य नए कलाकार की तरह नहीं देखते थे। हर किसी की उम्मीदें बहुत बड़ी थीं और इसी वजह से काम मिलने में भी मुश्किलें आईं।सुनीता का मानना था कि स्टारकिड होने की पहचान कई बार फायदा कम और दबाव ज्यादा लेकर आती है।
टीना आहूजा ने भी साझा किया अपना अनुभव
टीना आहूजा ने भी एक रियलिटी शो में बताया था कि कई फिल्म निर्माता उन्हें लेकर पहले से ही धारणा बना लेते थे। उन्हें लगता था कि वह ऑडिशन या स्क्रीन टेस्ट नहीं देंगी, जबकि टीना हमेशा इसके लिए तैयार रहती थीं।टीना ने यह भी कहा था कि कुछ लोगों को यह डर रहता था कि अगर शूटिंग के दौरान कोई परेशानी हुई तो गोविंदा सेट पर आ सकते हैं। उनके मुताबिक, ऐसी धारणाओं की वजह से कई बार उन्हें फिल्मों में मौका ही नहीं मिला।
फिल्मी सफर रहा छोटा
टीना आहूजा ने साल 2015 में फिल्म ‘सेकंड हैंड हस्बैंड’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही। इसके बाद वह कुछ चुनिंदा प्रोजेक्ट्स और म्यूजिक वीडियो में नजर आईं, लेकिन उन्हें वैसी सफलता नहीं मिल सकी जिसकी उम्मीद की जा रही थी।
स्टारकिड होना सफलता की गारंटी नहीं
टीना आहूजा की कहानी यह दिखाती है कि फिल्मी परिवार से आने भर से सफलता तय नहीं हो जाती। पहचान के साथ उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं और कई बार यही पहचान नए कलाकार के लिए चुनौती बन जाती है। अब फैंस को उम्मीद है कि टीना आने वाले समय में किसी नए और दमदार प्रोजेक्ट के साथ अपनी अलग पहचान बनाने में सफल होंगी।
